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बॉयकॉट का दिखने लगा असर: तुर्किये और अजरबैजान के लिए टिकट बुकिंग में आई 60% की कमी, पाकिस्तान का दिया था साथ

Wed, 14 May 2025 05:59 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

भारत में लोगों ने तुर्किये और अजरबैजान की यात्रा से दूरी बनानी शुरू कर दी है, क्योंकि इन देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया। मेक माय ट्रिप के अनुसार, इन देशों के लिए  बुकिंग में 60 फीसदी गिरावट आई है और टिकट रद्द होने में भारी उछाल देखा गया है। 
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तुर्किये और अजरबैजान के राष्ट्रीय ध्वज - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को खुला समर्थन देने वाले तुर्किये और अजरबैजान का हुक्का-पानी बंद करना शुरू कर दिया है। जिन भारतीयों ने इन देशों की यात्रा के लिए बुक किए थे, उन्होंने अपने टिकट रद्द करने शुरू कर दिए हैं। 
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तुर्किये-अजरबैजान के लिए भारतीय यात्रियों में कम उत्साह: मेक माय ट्रिप
मेक माय ट्रिप के प्रवक्ता ने बताया कि बीते एक हफ्ते में भारतीय यात्रियो ने इन देशों के लिए काफी कम उत्साह दिखाया है। अजरबैजान और तुर्किये के लिए बुकिंग में 60 फीसदी की कमी आई है, जबकि इसी अवधि के दौरान टिकट के रद्द होने में 250 फीसदी उछाल आया है। प्रवक्ता ने कहा, अपने देश के साथ एकजुटता और अपने सशस्त्र बलों के प्रति गहरे सम्मान के कारण हम इस भावना का मजबूती से समर्थन करते हैं और सभी को अजरबैजान और तुर्किये की सभी गैर-जरूरी यात्रा न करने सलाह देते हैं। हमने अपने प्लेटफॉर्म पर इन दोनों गंतव्यों पर पर्यटकों को जाने के लिए प्रोत्साहित करने वाले सभी विज्ञापन और ऑफर पहले ही बंद कर दिए हैं। 

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ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की पूर्व अध्यक्ष ज्योति मयाल ने कहा, भारत और पाकिस्तान संघर्ष में तुर्किये के ड्रोन इस्तेमाल करना हमारी भावनाओं के खिलाफ गया। हमने पर्यटन के क्षेत्र में इन दोनों देशों की बहुत मदद की है। खासतौर पर कोरोना महामारी के बाद तो हमने इनका और भी ज्यादा समर्थन किया। पिछले साल भारत से तुर्किये 3,30,000 लोग गए। तुर्किये की अर्थव्यवस्था में हमारा करीब चार हजार करोड़ का निवेश है। यहां तक कि हमारे बीच व्यापार का आकार भी बहुत बड़ा है। लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उनको लगा है कि तुर्किये और अजरबैजान बिल्कुल नहीं जाना चाहिए। 50 फीसदी बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। हमारे बड़े टूर ऑपरेटर्स ने टिकट बेचना बंद कर दिया है, क्योंकि पर्यटन शांति और लोगों के आपसी संबंधों के बारे में है।  पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ भारत-पाकिस्तान संघर्ष
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पिछले महीने 22 अप्रैल को दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ था। इस हमले में 26 लोगों की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। इनमें अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस सैन्य मिशन के तहत पाकिस्तानी वायु सेना के कई अड्डों और आतंकवादी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। 100 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया गया। आतंकी मसूद अजहर और मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बहावलपुर और मुरीदके स्थित ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान पाकिस्तान ने तुर्किये के ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए भारत पर हमले की कोशिश की। हालांकि भारत की रक्षा प्रणाली ने इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। मलबे की जांच करने पर पता चला कि पाकिस्तान ने तुर्किये के ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इसके अलावा, अजरबैजान ने भी पाकिस्तान को खुला समर्थन दिया था। बाद में पाकिस्तान संघर्षविराम के लिए भारत और अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाया। पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारत के डीजीएमओ को फोन किया और कहा कि शत्रुता को छोड़ देते हैं। इसके बाद दोनों देशों में संघर्षविराम पर समझौता हुआ। 

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