यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र (सांकेतिक तस्वीर)
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यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग के बीच सूमी में फंसे एक भारतीय छात्र ने वीडियो जारी कर अपनी आपबीती सुनाई है। छात्र ने बताया कि वह पिछले 10 दिनों से सूमी में फंसा हुआ है। इतने दिनों से वह सिर्फ इंतजार ही कर रहा है, लेकिन अब उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।
वीडियो में छात्र ने बताया कि वह सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी में मेडिकल का छात्र है। जहां वह फंसा हुआ है, वहां पिछले कई दिनों से बिजली नहीं है। साथ ही अब खाने-पीने के सामान को लेकर भी दिक्कतें सामने आने लगी हैं। इलाके में दुकानदार कार्ड नहीं ले रहे हैं। एटीएम मशीनों में नकदी खत्म हो चुकी है। ऐसे में खाने का समान और अन्य चीजें मंगाने में परेशानी हो रही है।
बताया जा रहा है कि सूमी में लगभग 700 भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। भारत सरकार सुमी से अपने नागरिकों को निकालने की कोशिश कर रही है, लेकिन भारी गोलाबारी और हवाई हमलों के कारण कई दिक्कतों का समाना करना पड़ रहा है। सूमी में फंसे एक अन्य भारतीय छात्र आशिक हुसैन सरकार ने बताया कि हमारा हौसला कम होता जा रहा है। हम अभी भी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
सात उड़ानों से 1314 भारतीय स्वदेश लौटे
यूक्रेन के पड़ोसी देशों से सोमवार को सात नागरिक उड़ानों के जरिए कुल 1,314 भारतीयों को स्वदेश लाया गया। नागर विमानन मंत्रालय ने यह जानकारी दी। मंत्रालय ने बताया कि रोमानिया के सुसेवा से मंगलवार को 400 से ज्यादा भारतीयों को वापस लाने के लिए दो विशेष उड़ानों का संचालन किए जाने की उम्मीद है। अब तक देश में 17,100 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वतन वापस लाया जा चुका है।
कीव में घायल हुए भारतीय छात्र वायुसेना की उड़ान से दिल्ली पहुंचा
कीव क्षेत्र में कुछ दिन पहले गोली से घायल हुआ हरजोत सिंह सोमवार को वायुसेना की उड़ान से भारत पहुंचा। सोमवार शाम 6:15 बजे वायुसेना का ग्लोबमास्टर उड्डयन राज्यमंत्री वीके सिंह और हरजोत समेत करीब 200 भारतीयों को लेकर हिंडन एयरबेस पर उतरा। 31 वर्षीय हरजोत को 27 फरवरी को चार गोलियां तब लगीं थीं जब वह अपने दो साथियों के साथ लवील से कैब लेकर कीव पहुंचने की कोशिश कर रहा था। छात्रों की निकासी सुचारु ढंग से कराने के लिए वीके सिंह पोलैंड गए थे।