रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के मद्देनजर भारत सरकार ने यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए तत्काल कदम उठाए और एयर इंडिया के विशेष विमानों से भारतीयों को लाना शुरू कर दिया है। यूक्रेन से लौटे लोगों ने भी दिल्ली पहुंचते ही सुकून की सांस ली और अपने अनुभवों को साझा किया।
बताया गया है कि यूक्रेन से जो भारतीय छात्र लौटे हैं, उनमें से अधिकतर वहां एमबीबीसी की पढ़ाई कर रहे हैं। हवाई अड्डे पर उतरने के बाद एमबीबीएस के 22 वर्षीय छात्र अनिल राप्रिया ने कहा, ‘‘मुझे अपने देश में लौटकर खुशी हो रही है। यूक्रेन में बदलते हालात के बीच भारतीय दूतावास ने हमें देश छोड़ने को कहा था, जिसके बाद मैं अभी भारत पहुंचा।’’ कीर्तन कलाठिया, नीरव पटेल, विनीत पटेल, प्रियांश हुडा और कृष राज भी उन छात्रों में शामिल हैं, जो यूक्रेन से दिल्ली पहुंचे हैं। यह सभी पश्चिमी यूक्रेन के छोटे शहर शेरनिव्त्सी के बुकोविनियन मेडिकल यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स हैं।
कलाठिया ने भारत लौटने के बाद हंसते हुए कहा, "हम यूक्रेन से सही सलामत लौटे, लेकिन एयरपोर्ट पर मीडियाकर्मियों ने हमें घेर लिया। इससे हमें थोड़ी चिंता हो गई।" वहीं, कृष राज ने कहा, ‘‘हम सभी चेरनिव्त्सी में बुकोविनियन स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (बीएसएमयू) में पढ़ते हैं। हमने अपने कॉलेज के अधिकारियों को सूचित किया है कि हम जा रहे हैं और कक्षाएं अब ऑनलाइन होंगी। चेरनिव्त्सी में हालात ठीक हैं, क्योंकि यह सीमा क्षेत्र से काफी दूर है।’’
रांची निवासी अपूर्वा भूषण ने कहा, ‘‘हमें हमारे आधिकारिक व्हाट्सऐप ग्रुप पर भारतीय दूतावास का परामर्श मिला था। इसमें कहा गया था कि यूक्रेन में मौजूदा स्थिति को देखते हुए छात्रों को अस्थायी रूप से देश छोड़ देना चाहिए, इसलिए हमने सलाह का पालन किया और वहां से चले आए।’’
कल रात में 240 भारतीयों को लेकर लौटा था एयर इंडिया का विमान
एयर इंडिया का एक विमान पूर्वी यूरोपीय देश से करीब 240 भारतीयों को लेकर मंगलवार रात दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। उड़ान संख्या एआई 1946 देर रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर यहां इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरी। इसने कीव में बोरिस्पिल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शाम करीब छह बजे (भारतीय समयानुसार) उड़ान भरी थी। विमानन कंपनी ने भारतीयों को लाने के लिए एक बोइंग 787 विमान का परिचालन किया, जिसने सुबह यूक्रेन के लिए उड़ान भरी थी।