त्योहारों को लेकर रेलवे का विशेष अभियान
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यात्रीगण, कृपया ध्यान दें... अगर आप दिवाली और छठ की छुट्टियों में राजधानी दिल्ली, बिहार-झारखंड, उत्तर प्रदेश से महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान या फिर दक्षिण भारत के राज्यों यात्रा कर रहे या फिर इन राज्यों से उत्तर भारत के राज्यों की यात्रा कर रहे है तो आपको विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। यात्री वैध टिकट, आईडी प्रूफ और सामान के वजन आदि को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें, क्योंकि इन दिनों पश्चिम रेलवे ने टिकट चेकिंग स्टाफ को 200 करोड़ रुपए का जुर्माना का लक्ष्य दिया है। इसी वजह से आगामी 15 दिनों तक सघन जांच की जाएंगी।
पश्चिम रेलवे ने टिकट कलेक्टरों को दिए टारगेट
पश्चिम रेलवे की तरफ से दिए गए इस टारगेट को पूरा करने के लिए टीसी हाई अलर्ट पर है। वे यात्रियों के टिकट आदि की जांच में कोई ढील नहीं दे रहे है। पूरे पश्चिम रेलवे रेल जोन में मुंबई सेंट्रल डिवीजन, जो इस टारगेट का आधा हिस्सा वसूलता है। इसी जोन को 101.81 करोड़ रुपए का टारगेट दिया है। हालांकि सितंबर 2024 तक केवल 34.85 करोड़ रुपए ही वसूल पाए है,जो अभी 25.78 प्रतिशत कम है। जैसे जैसे दिवाली और छठ पूजा नजदीक आ रही है और यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में रेलवे ने सभी टिकट चेकर को अपने लक्ष्यों को पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार, पश्चिम रेलवे से राजधानी, तेजस के अलावा कई महत्वपूर्ण होकर गुजरती है। कई ट्रेनें दिल्ली तक होती है तो कई ट्रेन जम्मू तक जाती है। इसके अलावा इन्हीं राज्यों से होते हुए मुंबई, गुजरात, एमपी और दक्षिण भारत के राज्यों तक जाती है। इसलिए इन ट्रेनों में अवैध या बेटिकट यात्रियों की सख्ती से जांच होगी।
यात्री इन बातों का रखे ध्यान, चूक हुई तो लगेगा जुर्माना
- टिकट की वैधता का ध्यान रखें। इसमें टिकट सही तारीख के साथ सही ट्रेन भी होनी चाहिए।
- यदि किसी यात्री ने ऑनलाइन टिकट खरीदा है तो मोबाइल में उसका स्क्रीनशॉट या पीडीएफ जरूर डाउनलोड कर रखें।
- यात्री टिकट के साथ अपना पहचान पत्र भी साथ रखें।
- वेटिंग टिकट लेकर यात्री आरक्षित डिब्बों में सफर न करें।
- अगर किसी यात्री ने एजेंट से टिकट लिया है तो ध्यान रखें कि वह किसी अन्य के नाम से जारी तो नहीं हुआ है।
- कोच की श्रेणी के मुताबिक तय सीमा से अधिक वजन न ले जाएं।
- यात्रा के दौरान टिकट पर दी गई कोच श्रेणी जैसे स्लीपर, एसी कोच संख्या का विशेष ध्यान रखें।
- स्लीपर श्रेणी के यात्री 40 किलो, थर्ड एसी 40 किलो, सेकंड एसी 50 किलो, फर्स्ट श्रेणी 70 किलो। इससे ज्यादा वजन पर यात्रियों को जुर्माना देना पड़ सकता है।
पिछले साल पश्चिम रेलवे ने बनाया था रिकॉर्ड
पिछले वित्त वर्ष में पश्चिम रेलवे ने 174 जुर्माना वसूल कर रिकॉर्ड बनाया था। यह 140 करोड़ के लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक था। इस सफलता का श्रेय टिकट चेकिंग स्टाफ के प्रयासों को दिया गया था। रेलवे के एक अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि, रेलवे बोर्ड के निर्देश पर सभी टिकट चेकर को हाई अलर्ट पर रखा है। ताकि अवैध टिकट पर यात्रा करने वालों को दंडित किया जा सके। इससे रेलवे का राजस्व भी बढ़ेगा और वास्तविक यात्रियों को सुविधा भी होगी। अमर उजाला से चर्चा में एक टीसी ने बताया कि, आजकल लंबी दूरी की ट्रेनों में वेटिंग की अनुमति नहीं है। पहले कई यात्री आरक्षित कोच में जनरल टिकटों के साथ यात्रा करते थे और दंडित होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। यह बदलाव यात्रियों की सुविधा के लिए है, लेकिन इससे हमारी वसूली में कमी आई है।