कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के लिए तैयार किए गए 5,200 आइसोलेशन कोचों का 60 फीसदी (3,120 कोच) का इस्तेमाल श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाने में किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि ये गैर एसी ट्रेनें दोबारा आम कोच में तब्दील नहीं की जाएंगी, मगर इनका इस्तेमाल श्रमिक स्पेशल में किया जाएगा। साथ ही ऑक्सीजन टैंक, वेंटिलेटर और अन्य चिकित्सा उपकरणों को हटा लिया जाएगा।इन कोचों में बीच की सीटें नहीं हैं। ऐसे में यात्रियों की संख्या कम ही रहेगी। हर कोच में चार टॉयलेट होते हैं, जिन्हें दो बाथरूम में तब्दील किया जाएगा। इसमें हैंड शॉवर, बाल्टी और मग होगा।
देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाली 230 ट्रेनों में सभी श्रेणियों के लिए टिकटों की बुकिंग शुक्रवार से शुरू हो चुकी है। टिकटों की बुकिंग और कैंसिलेशन स्टेशनों के काउंटर, डाकखानों, यात्री सुविधा केंद्रों, कॉमन सर्विस सेंटर और आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंटों के जरिये शुरू की गई है।
साथ ही रेलवे परिसर में पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम यानी पीआरएस और कॉमन सर्विस सेंटर्स को भी ऑफलाइन टिकट बुक करने का अधिकार दिया गया है। शुक्रवार से ही 1.75 लाख सामुदायिक सेवा केंद्रों से टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है। बीते 24 घंटे में 13 लाख यात्रियों ने टिकटें बुक कराईं।
रेलवे ने कहा कि इन 230 ट्रेनों को चलाने से उन प्रवासियों को भी मदद मिलेगी जो किसी कारण श्रमिक विशेष ट्रेनों की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं। इस बात की कोशिश की जाएगी कि प्रवासी जहां पर हैं वहीं पर नजदीक के रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हो सकें।
वहीं, सेंट्रल रेलवे ने करीब 46 काउंटरों की लिस्ट जारी की है जहां यात्री जाकर अपना कंफर्म टिकट बुक करवा सकते हैं। इनमें मुंबई डिविजन, नागपुर डिविजन, भुसवल डिविजन, सोलापुर डिविजन और पुणे डिविजन के रेलवे काउंटर शामिल हैं।
यात्रियों को सफर से एक घंटे पहले स्टेशन पहुंचना होगा, जहां उनकी स्क्रीनिंग की जाएगी। यात्रियों के लिए मास्क अनिवार्य होगा औैर स्टेशन पर एंट्री और एग्जिट गेट अलग-अलग होंगे। यात्रियों को सफर से एक घंटे पहले स्टेशन पहुंचना होगा, जहां उनकी स्क्त्रस्ीनिंग की जाएगी। यात्रियों के लिए मास्क अनिवार्य होगा औैर स्टेशन पर प्रवेश और निकास द्वार अलग-अलग होंगे। सभी जगहों पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन अनिवार्य होगा।