फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यात्रीगण ध्यान दें: रेलवे के बदले नियम, इन छोटे अपराधों पर अब नहीं होगा केस; अब सीधे देना होगा जुर्माना?

Mon, 31 Aug 2026 09:15 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पहले रेलवे एक्ट के तहत नियम तोड़ने पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाता था। इसके बाद आरोपी को अदालत और मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ता था। अब ऐसे मामलों में सीधे जुर्माना लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
रेलवे - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ट्रेन में सफर के दौरान छोटी छोटी गलतियां अब यात्रियों पर भारी नहीं पड़ेंगी। इमरजेंसी चेन खींचना, बिना प्लेटफॉर्म टिकट रेलवे परिसर में प्रवेश करना या गलत जगह वाहन खड़ा करने जैसे मामलों में अब आपराधिक केस की लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। रेलवे ने ऐसे मामलों में नियमों में बदलाव किया है। उत्तर रेलवे ने जन विश्वास अधिनियम के तहत कई नियमों के उल्लंघन पर केस दर्ज करने के बजाय सीधे जुर्माना लगाने की व्यवस्था लागू की है। यानी गलती करने पर यात्रियों को अब तय जुर्माना देना होगा और कानूनी कार्रवाई की लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।

विज्ञापन


आरपीएफ के वरिष्ठ डीएससी आशुतोष पांडेय के मुताबिक, पहले रेलवे एक्ट के तहत नियम तोड़ने पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाता था। इसके बाद आरोपी को अदालत और मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ता था। अब ऐसे मामलों में सीधे जुर्माना लगाया जा रहा है। जन विश्वास अधिनियम के तहत छह धाराओं में कुल नौ अपराधों के लिए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उत्तर रेलवे में इनमें से छह धाराओं को लेकर पिछले दो महीने से अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने बताया, धारा 144 के तहत अनधिकृत वेंडिंग को शामिल किया गया है। पहले अनधिकृत वेंडिंग के मामले में आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना पड़ता था। अब इस मामले में सीधे दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पहले रोहतक जैसे शहर में रेलवे नियम तोड़ने पर पकड़े गए व्यक्ति को कार्रवाई के लिए तीन बार आना पड़ता था। अब यह प्रक्रिया खत्म कर दी गई है। नई व्यवस्था में सीधे जुर्माना लगाया जाएगा। इससे यात्रियों और रेलवे से जुड़े लोगों को बार-बार कानूनी प्रक्रिया में जाने से राहत मिलेगी।
विज्ञापन


ये हैं जुर्माने की नई दरें

  • बिना वैध टिकट या पास के सफर करने पर अब कम से कम 500 रुपये जुर्माना देना होगा। पहले यह 250 रुपये था।
  • रेलवे स्टेशन या कोच में बीड़ी-सिगरेट पीने पर 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
  • महिला कोच में सफर करने वाले पुरुष यात्रियों पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
  • बिना अनुमति ट्रेन या स्टेशन पर सामान बेचने या भीख मांगते पहली बार पकड़े जाने पर 2,000 रुपये जुर्माना होगा।
  • दूसरे यात्री की कन्फर्म बर्थ पर जबरन कब्जा करने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा।
  • शराब या किसी अन्य नशे में हंगामा करने पर ट्रेन से उतारने के साथ 24 घंटे की जेल या 1,000 रुपये का जुर्माना हो सकता है।
  • बिना अनुमति खतरनाक या विस्फोटक सामग्री ले जाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना होगा।

जन विश्वास कानून की तीन प्रमुख विशेषताएं

  • छोटी गलतियों पर अब रेलवे पुलिस या टीटीई मौके पर ही जुर्माना लेकर मामला खत्म कर सकेंगे। अदालत में आपराधिक केस तभी दर्ज होगा, जब यात्री तय जुर्माना देने से इनकार करेगा।
  • मौके पर अधिकारी की ओर से लगाए जाने वाले प्रशासनिक जुर्माने और अदालत की ओर से लगाए जाने वाले फाइन के बीच का अंतर साफ किया गया है।
  • महंगाई और जुर्माने की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए हर तीन साल में जुर्माने की राशि में अपने आप 10 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें