दिवाली और छठ पर्व के बाद रेलवे ने प्लेटफॉर्म टिकट पर बड़ी राहत दी है। इसने बड़े स्टेसनों पर प्लेटफॉर्म टिकट का किराया बढ़ाने का फैसला वापस ले लिया है। साथ ही प्लेटफॉर्म टिकट की दर तय करने का अधिकार डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) से वापस ले लिया गया है। त्योहारों के दौरान प्लेटफॉर्म टिकट की दर कई स्टेशनों पर तीस से बढ़ाकर पचास तक कर दी गई थी। तब इस फैसला का खूब विरोध हुआ था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ रही थी। इसलिए यात्रियों के अलावा अतिरिक्त भीड़ स्टेशन पर ना पहुंच, इसके लिए प्लेटफॉर्म टिकट का शुल्क बढ़ाने का फैसला किया गया था। इस टिकट की दर बढ़ाकर पचास रुपये तक की गई थी। अब रेलवे ने राहत देते हुए इस फैसले को वापस लिया है। इसके बाद प्लेटफॉर्म टिकट दस रुपये प्रति व्यक्ति की दर से वसूला जाएगा।
उत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी, बाराबंकी, अयोध्या कैंट, अयोध्या जंक्शन, अकबरपुर, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर जंक्शन, बरेली, जंघई, भदोही, प्रतापगढ़ और उन्नाव जंक्शन शामिल है। वहीं, छत्र पति शिवाजी महाराज टर्मिनस, दादर, लोकमान्य तिलक टर्मिस, ठाणे, कल्याण और पनवेल स्टेशनों पर भी ये व्यवस्था लागू की गई थी।
वहीं दक्षिण रेलवे ने भी स्टेशन पर भीड़ की कम करने के लिए तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश समेत अन्य राज्यों के कई स्टेशनों पर प्लेटफऑर्म टिकट का शुल्क बढ़ा दिया था। गौर करने वाली बात यह है कि अब डिविजनल रेलवे मैनेजर यानी मंडलीय रेलवे प्रबंधक प्लेटफार्म टिकटों के दाम नहीं बढ़ा सकेंगे। रेल मंत्रालय ने यह अधिकार अब वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद सिर्फ रेल मंत्रालय ही प्लेटफार्म टिकट की कीमतों में परिवर्तन कर सकेगा।
आरपीएफ ने 319 अपराधियों को गिरफ्तार किया: रेलवे
इस बीच भारतीय रेल ने बताया कि कोर्ट की ओर से भगोड़ा घोषित अपराधियों के खिलाफ जारी गिरफ्तारी और पेशी वारंट तामील कराने के लिए चलाए गए एक महीने लंबे विशेष अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 319 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 52 पिछले 10-15 साल से भगोड़ा घोषित थे। रेलवे ने बताया कि एक महीने का विशेष अभियान एक से 31 अक्तूबर के बीच चलाया गया।