देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से लोग बेहाल हैं। जीवन रक्षक दवाईयों के साथ साथ ऑक्सीजन की कमी भी देखने को मिल रही है। इस बीच राज्यों में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए रेलवे भी आगे आया है। कोविड काल में रेलवे ट्रैक पर सांसों को लेकर दौड़ती ऑक्सीजन एक्सप्रेस प्रतिदिन एक रिकार्ड बना रही है।
24 अप्रैल से आज तक रेलवे कई राज्यों को 208 ऑक्सीजन एक्सप्रेस और 814 टैंकर्स के जरिए लगभग 13319 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। शुक्रवार को ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने एक दिन में रिकॉर्ड 1118 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की।
भारतीय रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी ना हो और समय रहते ऑक्सीजन पहुंच जाए, इसके लिए रेलवे ऑक्सीजन एक्सप्रेस चला रही है। ट्रेनों के जरिए ऑक्सीजन टैंकर को लोड कर राज्यों में पहुंचाया जा रहा है, ताकि समय बचाया जा सके। अगर यही टैंकर सड़क रास्ते से जाते, तो उन्हें ज्यादा समय लगता, लेकिन ट्रेन से इन्हें कम वक्त में ही पहुंचाया जा सकता है।
रेलवे के अनुसार, भारतीय रेलवे का यह प्रयास रहा है कि ऑक्सीजन का अनुरोध करने वाले राज्यों को कम से कम संभव समय में अधिक से अधिक संभव ऑक्सीजन पहुंचाई जा सके। रेलवे अब तक महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पंजाब, केरल और आंध्र प्रदेश को 208 ऑक्सीजन एक्सप्रेस और 814 टैंकर्स के जरिए लगभग 13319 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन की आपूर्ति कर चुका है। ऑक्सीजन एक्सप्रेस द्वारा अब रोजाना 800 एमटी से अधिक मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) देश में पहुंचाई जा रही है।
रेलवे ने अब तक महाराष्ट्र में 614 एमटी ऑक्सीजन, उत्तर प्रदेश में लगभग 3338, मध्यप्रदेश में 521 एमटी, हरियाणा में 1619 एमटी, तेलंगाना में 772 एमटी, राजस्थान में 98 एमटी, कर्नाटक में 714 एमटी, उत्तराखंड में 320 एमटी, तमिलनाडु में 649 एमटी, आंध्र प्रदेश में 292 एमटी, पंजाब में 153 एमटी, केरल में 118 एमटी तथा दिल्ली में 4410 एमटी से अधिक ऑक्सीजन पहुंचाई गई है।
रेल मंत्रालय ने आगे कहा, जरूरतमंद राज्यों को कम से कम समय में अधिक मात्रा में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करना भारतीय रेलवे का लक्ष्य है। रेल मार्गों को खुला रखा गया है और उच्च सतर्कता बरती जा रही है ताकि ऑक्सीजन एक्सप्रेस समय पर पहुंच सकें। इन ट्रेनों की निगरानी को आसान करने के लिए बिजनेस डेवलपमेंट ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है। ताकि ऑनलाइन ट्रेनों की जानकारी मिलती रहती है।