ट्रेनों में अव्यवस्थाओं की तस्वीर कई बार सामने आ चुकी है। अब वायरल हो रहे एक नए वीडियो में साफ दिख रहा है कि बारिश का पानी तेजी से ट्रेन के लोको पायलट के केबिन में गिर रहा है। इस वजह से लोको पायलट छाता लगाकर ट्रेन चला रहा है। जबकि एक दूसरा वीडियो मध्य प्रदेश से सामने आया है, जहां पानी में डूबी पटरियों पर ट्रेन चलाने की नौबत आ गई है। वहीं ट्रेन को भी रास्ता दिखाने के लिए गार्ड तैनात किए गए हैं।
सोशल मीडिया पर कई नेताओं ने शेयर किया वीडियो
सोशल मीडिया पर इन वीडियो को कांग्रेस पार्टी के नेताओं समेत कई लोगों ने शेयर किया है। जिन लोगों ने इसे शेयर किया उन सभी का सोशल मीडिया अकाउंट वेरिफाइड है। एक्स हैंडल @SachinGuptaUP ट्रेन के इंजन के अंदर गिरते पानी का वीडियो शेयर करते हुए लिखते है कि, वाटरफॉल का ये नजारा ट्रेन के लोको पायलट केबिन का है। पायलट एक हाथ से छतरी पकड़े है, दूसरे हाथ से ट्रेन चला रहे। ड्राइवर का फेस इसलिए नहीं दिखाया, क्योंकि रेलवे सबसे पहले उसको सस्पेंड करेगा। न ही ट्रेन नंबर बताया जाएगा। यह वीडियो केवल रेलवे की व्यवस्था बताने के लिए बनाया गया है।
वायरल वीडियो पर रेलवे ने मांगी थी जानकारी
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद रेल मंत्रालय के एक्स हैंडल @RailwaySeva ने कई यूसर्ज से इस ट्रेन का नंबर, घटना का विवरण मांगा है। रेल सेवा ने लिखा है कि, इसकी पूरी जानकारी मुहैया करवाई जाए। ताकि हम इसे चेक कर सके। रेल मंत्रालय के इस जवाब के बाद एक्स हैंडल @Ragini_1912 लिखती है कि, वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन के लोको पायलट ने अपना चेहरा नहीं दिखाया है और ना ही वीडियो बनाने वाले ने। सरकार ऐसी है कि अगर किसी सरकारी कर्मचारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कुछ कहा तो उसकी नौकरी छीन ली जाती है। इसलिए सॉरी।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग रेलवे और केंद्रीय रेल मंत्री पर सवाल उठा रहे है। सोशल मीडिया यूजर्स का इस वीडियो पर कहना है कि, ड्राइवर का फेस इसलिए नहीं दिखाया गया क्योंकि रेलवे सबसे पहले उसको सस्पेंड करेगा। रेलवे के जिम्मेदारी अधिकारी पहले की तरह आएंगे और कहेंगे की यह कुछ दिन पहले का पुराना वीडियो था और अब सब ठीक है।
बारिश में डूबी पटरियां, ट्रैकमैन ने दिखाया रास्ता
इसी बीच मध्य प्रदेश के कटनी जिले का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ट्रैकमैन ट्रेन को रास्ता दिखाते हुए दिखाई दे रहे है। दरअसल, यहां भारी बारिश और बाढ़ कारण रेल की पटरियां पूरी तरह से पानी में डूब गईं। पटरियां नहीं दिखने के कारण ट्रेनों को चलाने में दिक्कत आ रही थी। ऐसे में एक ट्रेन को रेलवे कर्मियों की तरफ से रास्ता दिखाते हुए देखा जा रहा है। एक मिनट 6 सेकंड के इस वायरल वीडियो में यह साफ देखा सकता है कि किस तरह रेलवे के कर्मचारी आगे-आगे चल रहे हैं और ड्राइवर ट्रेन लेकर उनके पीछे-पीछे आ रहा है।
इस वीडियो पर लोगों के तरह-तरह के कमेंट भी आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है कि हम बुलेट ट्रेन की बात कर रहे हैं और आप हैं कि नेहरू के समय की इन ट्रेनों का जिक्र कर रहे हैं। वहीं, एक यूजर ने लिखा कि इस ट्रेन के लोको पायलट को मुंबई लोकल ट्रेन के लोको पायलट से ट्रेनिंग लेनी चाहिए। एक अन्य यूजर ने लिखा कि आखिर इतनी क्या जरूरी थी कि पानी में ट्रेन चलानी पड़ रही है। अगर ट्रेन बेपटरी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। अन्य यूजर का कहना है कि, ट्रेन डिरेल ना हो जाए तो रास्ता दिखाने के लिए यहां गार्ड्स भी तैनात किए गए हैं जो ट्रेन को रास्ता दिखाने हुए देखे जा सकते हैं। जाहिर है कि इतने बुरे हालात में ट्रेनों का संचालन संभव नहीं है लेकिन ट्रेनें फिर भी चल रही हैं जो काफी खतरनाक है।
कुछ दिन पहले वंदे भारत में भी दिखी थी ऐसी स्थिति
हाल ही में देश की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेन वंदे भारत की छत टपकने के कुछ वीडियो वायरल हुए थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर @priyarajputlive नाम की एक यूजर ने दो जुलाई को ये वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि ट्रेन की छत से पानी टपक रहा है। छत से इतना पानी गिर रहा है कि उसकी वजह से आस-पास की सारी सीट भीग गई थी।
जाहिर है कि छत की इस लीकेज से ट्रेन में बैठे हुए यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस वीडियो पर उत्तर रेलवे ने रिप्लाई देते हुए कहा, पाइपों में अस्थायी रुकावट के कारण कोच में थोड़ा पानी का रिसाव देखा गया! ट्रेन में मौजूद स्टाफ की तरफ से ठीक किया गया। इस असुविधा के लिए खेद है।