- ट्रेन में यात्रियों की क्षमता मौजूद स्लीपर सीटों की संख्या के बराबर होगी। 54 की जगह अब हर कोच में 72 यात्री होंगे।
- रोजाना 300 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की क्षमता। इसे और बढ़ाने की कोशिश। इसके लिए राज्यों से मंजूरी भेजने को कहा गया है।
- 513 श्रमिक ट्रेनों से 6 लाख प्रवासियों को गंतव्य तक पहुंचाया गया
- 363 ट्रेनें अपने गंतव्य तक पहुंच चुकी हैं और 105 रास्ते में हैं।
अपील : सड़कों व रेलवे ट्रैक पर न जाएं मजदूर
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को लिखा पत्र, कहा-अंतर राज्यीय आवाजाही को सुगम बनाएं। कोई सड़क या ट्रैक पर पाया भी जाए तो उसे समझाकर ट्रेन या बस से भेजने का इंतजाम हो।
दिल्ली मेट्रो भी चलने की उम्मीद...
दिल्ली मेट्रो कॉरपोरेशन ने गाड़ियों की साफ-सफाई और स्टाफ की तैनाती का काम शुरु कर दिया है। माना जा रहा है, जल्द ही मेट्रो भी शुरु हो सकती है।
बस और हवाई सेवा भी जल्द
केंद्र ने देश में हर तरह की यातायात सेवा बहाल करने का मन बना लिया है। सरकार की योजना अगले तीन-चार दिनों में 30% हवाई सेवा शुरू करने और फिर बस सेवाएं शुरू करने की है। खासतौर से महानगरों में 17 मई के बाद सार्वजनिक और निजी परिवहन को हरी झंडी मिल सकती है।