कोरोना काल को भी रेलवे अवसर मान के चल रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही रेलवे खाद्यान्न लदान करके मील का पत्थर स्थापित हो रही है। राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की चुनौतियों के बीच सभी राज्यों में गेहूं व चावल को पहुंचा रही है। उत्तर रेलवे ने देश के 18 राज्यों को 203.65 लाख टन खाद्यान्न जिसमें गेंहू और चावल का लदान करके एक और मील का पत्थर स्थापित किया है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण उत्पन्न हुई परिचालनिक चुनौतियों के बावजूद उत्तर रेलवे ने राशन की दुकानों पर बढ़े हुए खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मुख्य भूमिका में रही। उत्तर रेलवे ने एक दिन में खाद्यान्न लदान के चार नए रिकॉर्ड बनाए है। 24 जुलाई को एक ही दिन में 55 रैकों का खाद्यान्न लदान करके अपने पिछले तीन रिकॉर्ड तोड़े हैं। लॉकडाउन और अनलॉक की अवधि में 12.66 मिलियन टन का लदान किया है, जोकि पिछले वर्ष के लदान से 6.86 मिलियन टन से अधिक है।
चौधरी ने बताया कि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए कई योजना को इनदिनों अंजाम तक पहुंचाया जा रहा है। बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद 1-16 अगस्त की अवधि में लखनऊ मंडल पर रेलगाडिय़ों की समयपालनता 97:45 प्रतिशत रही। बुनियादी ढाचे के विस्तार के तहत रोहतक-गोहाना रेल लाइन को एलिवेटेड ट्रैक में बदला गया।
चार रेलवे फाटक हटाया गया। 4.8 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक बनने से सड़क यातायात की परेशानी अगले तीन महीने में खत्म हो जाएगी। अमृतसर-छेहरता औ बटाला-कादियान सेक्शनों का इलेक्ट्रिफिकेशन का काम इसी वर्ष पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
वंदे भारत ट्रेन का टेंडर रेलवे ने रद्द किया
नई वंदे भारत ट्रेन ट्रैक पर उतरने में देरी होगी। रेलवे ने 44 वंदे भारत ट्रेन निर्माण के टेंडर को रद्द कर दिया है। रेलवे अधिकारयों के अनुसार अगले सप्ता नये तरीके से टेंडर जारी किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि टेंडर निरस्त किए जाने से वंदे भारत ट्रेन बनाने में देरी नहीं होगी।
उधर रेलवे सूत्रों का कहना है कि पिछले बार रेलवे ने ग्लोबल टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में चीन की एक कंपनी ने भी हिस्सा लिया था। मेक इन इंडिया के आधार पर तैयार होने वाली इस ट्रेन में विदेशी कंपनी के टेंडर में हिस्सा लेने की वजह से ही पूरे टेंडर की प्रक्रिया को ही रद्द कर दिया गया है।