महिला सुरक्षा को लेकर आरपीएफ ने तीन मई से 31 मई तक महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष पहल की। इसके लिए प्रशिक्षित महिला अधिकारियों और कर्मियों की 283 टीमें तैनात की गई थी।
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में सफर करने वालों की खैर नहीं है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) इसे लेकर विशेष अभियान चला रहा है। ‘ऑपरेशन महिला सुरक्षा’ अभियान के तहत आरपीएफ ने 7000 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्त में भी लिया है। इतना ही नहीं 150 से अधिक महिलाओं को मानव तस्करी का शिकार होने से भी बचाया है।
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महिला सुरक्षा को लेकर आरपीएफ सक्रिय दिखाई दे रहा है। तीन मई से 31 मई तक महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वालों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष पहल की गई। इसके लिए प्रशिक्षित महिला अधिकारियों और कर्मियों की 283 टीमें तैनात की गई थी।
टीम ने इस अवधि के दौरान 2.25 लाख से अधिक महिलाओं से बातचीत की। अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ ने एक नई पहल भी शुरू की है। यात्रा के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रख ‘क्या करें और क्या न करें‘ के बारे में शिक्षित कर रहा है। अभी तक आरपीएफ ने इस तरह के कार्यक्रम पांच हजार से अधिक जगहों पर किया है।
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आरपीएफ कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए ऐसी 10 महिलाओं की जान बचाई, जो ट्रेन में चढ़ते या उतरते समय फिसल गई थीं और उनके चलती ट्रेन के पहियों के नीचे आने की पूरी आशंका थी।