देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। केंद्र से लेकर राज्य सरकार इस खतरनाक महामारी से निपटने के लिए अपने-अपने स्तर से पूरी कोशिश कर रही है। इसी क्रम में रेलवे ने बड़ा कदम उठाते हुए लगभग 4,000 कोविड देखभाल कोच बनाए हैं। इनमें लगभग 64,000 बेड राज्यों के इस्तेमाल के लिए तैयार हैं। मंत्रालय ने कहा है कि वर्तमान में 169 कोच विभिन्न राज्यों को इस्तेमाल के लिए सौंप दिए गए हैं। रेलवे ने राज्यों की मांग के अनुसार इसे महाराष्ट्र के नागपुर, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर के पास तिही के लिए रवाना कर दिया है।
कोविड कोच तैयार करने में करीब 1000 करोड़ रुपये का खर्च
सूत्रों के मुताबिक रेलवे के द्वारा 4000 कोविड कोच तैयार करने में करीब 1000 करोड़ रुपये का खर्च किया है। बड़े राज्य जहां बेड की किल्लत हो रही है वहां ये सभी कोच भेजे जाएंगे। इसके तहत उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली को शामिल किया गया है। बता दें कि इन चार राज्यों में कोरोना के बड़े मरीज सामने आ रहे हैं। इसके चलते इन राज्यों के अस्पतालों में बेडों की संख्या कम हो गई है। गंभीर मरीजों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल पा रहे हैं।
भोपाल स्टेशन पर 20 कोविड कोच बनकर तैयार
बता दें कि इससे पहले मध्य रेलवे ने भोपाल रेलवे स्टेशन पर 20 आइसोलेशन कोच तैयार किए थे। इनमें हल्के कोरोना लक्षण वाले मरीजों को रखने के आदेश जारी किए गए थे। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी। गोयल ने बताया था कि भारतीय रेलवे द्वारा मध्य प्रदेश के भोपाल में 20 कोविड केयर कोच का इंतजाम किया गया है। इसमें 320 मरीजों को रखा जा सकेगा। 25 अप्रैल से इनमें मरीजों को रखने का काम शुरू हो जाएगा।
ट्रेनों से हो रही ऑक्सीजन आपूर्ति
रेल मंत्री ने बताया कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए ऑक्सीजन एक्सप्रेस लखनऊ से बोकारो के लिए चल चुकी है। शीघ्र ही यह ट्रेन भी लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की सप्लाई कर, उत्तर प्रदेश में इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगी। देश के कुछ अन्य हिस्सों भी ऑक्सीजन एक्सप्रेस से आपूर्ति की जा रही है।