भारत में बढ़ती हुई ऊर्जा समस्या ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। इसके साथ ही ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कई उपाय ईजाद करने की ओर में भारतीय वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। देश की लाइफ लाइन रेलवे को बड़े पैमाने पर पॉवर की जरुरत पड़ती है। इस जरुरत को पूरा करने और पर्यावरण के लिहाज से स्वच्छ ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए भारतीय रेल ने बड़ा कदम उठाया है।
पहली बार रेल के कोच सोलर पैनेल से लैस होंगे जिस से पंखे, लाइट, और चार्जिंग स्लॉट काम करेंगे। हर कोच में 120 किलोग्राम के वजन का पैनेल इन्सटॉल किया जायेगा जो 15 से 20 यूनिट (KWH) ऊर्जा का उत्सर्जन करेगा। सोलर एनेर्जी से यात्रियों की पॉवर की जरुरतें पूरा करने की इस तरह की कवायद में ये नया प्रयोग है।
आपको बता दें कि इंडियन रेलवे ऑरगैनाइजेशन फॉर अल्टरनेट फ्यूएल्स (IROAF) ने सोलर पैनेल को विकसित किया है। इससे पहले पिछले साल ये सोलर पैनेल डेमू (DEMU) ट्रेन में लगाया गया था। जिसके सफलता के बाद इसे मेन कोच लाईन की रेल के लिए प्रयोग में लाने का विचार किया गया ताकि आम लोगों को इसका फायदा मिले।
इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए मेंमर रॉलिंग स्टॉक(MRS) या रेलवे बोर्ड ने IROAF को निर्देश दिया है कि सवारी गाड़ियों की छत पर पीवी पैनेल्स फिट किए जायें। इससे सवारी गाडियों के धीमे चलने के कारण लो बैटरी की समस्या से निजात मिल सकेगा। ये पैनल वजन में ना सिर्फ बेहद हल्के हैं बल्कि इन्हे लगाना भी बेहद आसान है जिसका उत्पादन भारत में ही सेल लिमिटेड नाम की कम्पनी कर रही है।
रेलवे ने सोलर पैनेल से सीतपुर दिल्ली रिवाड़ी पैसेन्जर ट्रेन सफल संचालन शुरु भी कर दिया है। रेलवे ने जल्द ही एसी सवारी गाड़ियों को चिन्हित कर सोलर पैनेल लगाना शुरु कर दिया है जिनमें लो पॉवर की समस्या थी। ये ट्रेन हैं- 54255/56 वाराणसी वाया प्रतापगढ़, 54334/33 लखनऊ वाया फैजाबाद, 14203/04 वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी। उम्मीद है कि जल्दी ही सभी सवारी गाड़ियों में सोलर एनेर्जी यानि स्वच्छ एनेर्जी का इस्तेमाल हो।