हाल ही में आए एक सर्वे से पता चला है कि इंडियन ऑयल का साल 2015 का रेवेन्यू पाकिस्तान की सालाना कमाई से 40 प्रतिशत ज्यादा था। इंडियन ऑयल का साल 2015 का रेवेन्यू 54.7 बिलियन डॉलर रहा, जबकि पूरे पाकिस्तान ने इस साल 38.7 बिलियन डॉलर कमाए थ्ाे। बता दें कि यह सर्वे ब्रिटेन की ग्लोबल जस्टिस नाउ नामक संस्था ने कराया था।
इस सर्वे के अनुसार यह पता चला कि दुनिया के कई बड़े कॉर्पोरेशन संपन्न देशों की संयुक्त आय से भी ज्यादा कमाई करते हैं। ये कॉर्पोरेशन में वॉलमार्ट, ऐपल, शेल विश्व के अमीर देश रूस, बेल्जियम, स्वीडन से ज्यादा कमाई करते हैं। साथ ही इन तीनों कंपनियों का कुल रेवेन्यू दुनिया के सबसे गरीब 180 देशों की कुल आय से भी ज्यादा है। इन देशों में, इजरायल, कोलंबिया, आयरलैंड, इंडोनेशिया, ग्रीस, दक्षिण अफ्रीका, इराक और वियतनाम शामिल हैं।
ग्लोबल जस्टिस नाउ संस्था के निदेशक निक डियरडेन ने कहा, इन 'बड़े कॉर्पोरेशन की ताकत और दौलत ही दुनिया की कई समस्याओं जैसे असमानता व क्लाइमेट चेंज का मुख्य कारण है। अपने लाभ के लिए ही ये कॉर्पोरेशन करोड़ों लोगों के आधारभूत मानवाधिकारों का दमन करते हैं। इस सर्वे से सामने आए आकड़ों से यह भी पता चलता है कि समस्या और भयावह होती जा रही है।' ग्लोबल जस्टिस नाउ, ब्रिटिश सरकार पर ऐसे बड़े कॉर्पोरेशन का सहयोग न करने के लिए दबाव बना रही है।