इराक में अमेरिकी हवाई हमले में भारतीय मूल का ऑस्ट्रेलियाई आतंकी नील प्रकाश मारा गया है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) में आतंकियों की भर्ती करने वाला नील प्रकाश ऑस्ट्रेलिया का मोस्ट वांटेड आतंकवादी था। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इसका जानकारी दी।
आईएस के लिए नील प्रकाश की मौत जबरदस्त झटका माना जा रहा है। खूंखार आतंकी प्रकाश के मारे जाने से आईएस में आतंकियों की भर्ती प्रभावित होगी। प्रकाश का आतंकी नेटवर्क मेलबर्न और सिडनी तक फैला हुआ था। आतंकी नील प्रकाश 2012 में धर्म परिवर्तन करके बौद्ध से मुस्लिम बन गया था। इसके बाद वह 2013 में सीरिया पहुंचकर आईएस में शामिल हो गया था।
नील प्रकाश आईएस प्रोपेगंडा वीडियो में भी नजर आ चुका है। पिछले साल सामने आए आईएस के वीडियो में नील प्रकाश लोगों को ऑस्ट्रेलिया में हमला करने के लिए उकसाता नजर आया था। अमेरिकी अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर अटॉर्नी जनरल जॉर्ज ब्रांडिस ने बताया कि मोसुल में 29 अप्रैल को अमेरिकी हवाई हमले में नील प्रकाश मारा गया।
मेलबर्न में जन्मे भारतीय मूल के आतंकी नील प्रकाश को अबू खालिद अल-कंबोडी के नाम से भी जाना जाता था। वह ऑस्ट्रेलिया में आतंकी हमले की साजिश रचने के साथ ही अमेरिका में आतंकी हमले करने के लिए लोगों को उकसाता था। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने आतंकी प्रकाश की मौत को आईएस के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कामयाबी बताया है। इससे पहले जनवरी में मीडिया में आई खबरों में कहा गया था कि आईएस का आतंकी प्रकाश सीरिया में मारा गया था। वह फिजी-भारतीय एवं कंबोडियाई पृष्ठभूमि का ऑस्ट्रेलियाई था।
ऑस्ट्रेलियाई महिला आतंकी शादी जबर भी मारी गई
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सीरिया में एक अन्य हवाई हमले में ऑस्ट्रेलियाई महिला आतंकी शादी जबर खालिद मोहम्मद भी मारी गई है। आईएस आतंकी शादी जबर पश्चिमी सिडनी निवासी 15 वर्षीय फरहद जबर की बहन थी, जिसने अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया में पुलिस अकाउंटेंट कुर्टिस चेंग की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि नील प्रकाश आईएस के गढ़ उत्तरी इराक में मारा गया, जबकि शादी जबर सीरियाई शहर अल बाब में अपने पति आतंकी अबू साद अल-सुदानी के साथ 22 अप्रैल को मारी गई थी।