11वीं बार 2018 में किसी भारतवंशी बच्चे ने अमेरिका में हुए नेशनल स्पैलिंग बी क्राउन को अपने नाम किया है। इस बच्चे का नाम कार्तिक नेम्मानी है जो आठवीं क्लास में पढ़ता है। नेम्मानी ने आखिरी राउंड में पांच बच्चों को हराकर खिताब अपने नाम किया है। टेक्सास में पढ़ने वाले 14 साल के बच्चे ने कोइनोनिया शब्द की सही स्पैलिंग बताई जिसकी वजह से उसे जीत हासिल हुई।
गुरुवार की रात को दूसरे स्थान पर रहीं 12 साल की न्यासा मोदी bewusstseinslage शब्द की सही स्पैलिंग नहीं बता पाई थीं। जीत के बाद नेम्मानी ने कहा कि वह सालों से इसका सपना देख रहे थे। ट्रॉफी के अलावा कार्तिक को डॉलर 40,000 का कैश प्राइज मिला है। इस प्राइज मनी को एडब्ल्यू स्क्रिप्स मीडिया ग्रुप ने स्पॉन्सर किया था। इसके अलावा प्रतियोगिता के विजेता को डिक्शनरी पब्लिशर मेरियम-वेबस्टर की तरफ से डॉलर 2,500 की राशि भी मिली है।
भारतवंशी वेंकट रंजन ने
नेशनल जियोग्राफिक बी को एक हफ्ते पहले ही जीता था। इस प्रतियोगित में उन्हें 50,000 डॉलर की स्कॉलरशिप मिली थी। उन्होंने दो लोगों को आखिरी चरण में मात दी थी। प्रतियोगिता में दूसरे और तीसरे स्थान पर अनुष्का बुद्धिकोट और विशाल सारेड्डी थे। इस प्रतियोगिता में भूगोल के ज्ञान को जांचा जाता है।
साल 2018 में 515 प्रतिभागियो ने नेशनल स्पैलिंग बी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। यह संख्या बहुत ज्यादा थी क्योंकि इसमें नियम बदल गए थे जिसकी वजह से इसका दायरा बढ़ गया था। इस वजह से वह बच्चे भी हिस्सा ले पाए जिनके पास स्पॉन्सर नहीं थे।
भारतवंशी बच्चे लगातार 11 सालों से इस चैंपियनशिप को जीत रहे हैं। इसकी शुरुआत 2008 में समीर मिश्रा द्वारा हुई थी।
1985 में बालू नटराजन इस प्रतियोगिता को जीतने वाले पहले बच्चे बने थे। तब से अब तक 17 भारवंशियो ने इस प्रतियोगिता में जीत हासिल की है। स्पैलिंग बी आपकी याद्दाश्त की परीक्षा करने वाला का कोई टेस्ट नहीं है बल्कि इसमें प्रतिभागियों से शब्दों के उद्भव और किस भाषा से वह आए हैं, उनके बारे में पूछा जाता है। नेम्मानी के कजिन ने भी इस प्रतियगिता में हिस्सा लिया था लेकिन वह फाइनल तक नहीं पहुंच पाए थे।