श्रुति का लॉन्च भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण अभियान की दिशा में अहम कदम है। समुद्री निगरानी, बचाव, तटीय संपत्तियों की सुरक्षा और एंटी-पायरेसी जैसे कई मिशनों में ऐसे पोत नौसेना की ताकत बढ़ाएंगे।
भारतीय नौसेना के बेड़े में एक और स्वदेशी पोत शामिल होने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (एनजीओपीवी) श्रुति को मंगलवार को लॉन्च किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, यह भारतीय नौसेना के स्वदेशी युद्धपोत निर्माण अभियान की दिशा में एक और अहम उपलब्धि है। ‘श्रुति’ को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) में लॉन्च किया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यार्ड 3037 के नाम से निर्माणाधीन इस पोत के लॉन्च कार्यक्रम में वाइस एडमिरल संजय साधु, कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन मौजूद रहे।
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‘श्रुति’ को किन मिशनों में उतारा जा सकेगा?
नई पीढ़ी के ये ऑफशोर पेट्रोल वेसल भारतीय नौसेना के मौजूदा पोतों की क्षमता बढ़ाएंगे। इन्हें कई तरह के समुद्री अभियानों के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
समुद्री क्षेत्र की निगरानी।
खोज और बचाव अभियान।
समुद्र में मौजूद महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा।
मानवीय सहायता अभियान।
आपदा राहत अभियान (एचएडीआर)।
समुद्री डकैती यानी एंटी-पायरेसी मिशन।
इन जहाजों को देश में ही डिजाइन और तैयार किया जा रहा है। इससे भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
कितने शिपयार्ड में बन रहे हैं ये पोत?
एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड में किया जा रहा है। इनमें गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल) और कोलकाता का गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार को लॉन्च किया गया ‘श्रुति’ जीआरएसई में तैयार किया जा रहा पोत है। लॉन्च कार्यक्रम में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
श्रुति नाम क्यों रखा गया?
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन स्वदेशी पोतों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से जुड़े हैं। नए पोत का नाम ‘श्रुति’ रखा गया है, जो चार वेदों का संदर्भ देता है। जहाज के क्रेस्ट में उर्सा मेजर तारामंडल और लाल-सफेद रंग का लाइटहाउस दर्शाया गया है। यह डिजाइन पोत की पहचान और उसकी भूमिका से जुड़े प्रतीकों को सामने रखता है।
रक्षा मंत्रालय ने कहा कि श्रुति का लॉन्च भारतीय नौसेना के स्वदेशी जहाज निर्माण अभियान में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के विजन के अनुरूप है। नए पोतों के जरिए नौसेना समुद्री निगरानी से लेकर आपदा राहत और एंटी-पायरेसी जैसे अभियानों में अपनी क्षमता को और मजबूत कर सकेगी।