समुद्र में साढ़े आठ महीने की तैनाती के बाद चौथी कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वेला बेस पोर्ट वापस लौट आया है। भारतीय सेना के पश्चिमी कमान के अधिकारियों ने बताया, समुद्र में इतने लंबे समय तक की तैनाती के दौरान इसने कई उपलब्धिंया हासिल की हैं। वहीं हिंद महासागर क्षेत्र में एक सफल मिशन आधारित तैनाती को पूरा किया है।आईएनएस वेला के बेस पोर्ट वापस लौटने के बाद जवानों ने लंबे समय के बाद अपने परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए।
इस बीच मंगलुरु में तैनात तटरक्षक बल के दो होवरक्राफ्ट जहाजों को गुजरात में भारत-पाकिस्तान सीमा की रक्षा के लिए भेजा गया है। तटरक्षक बल के कमांडर (पश्चिम क्षेत्र) मनोज वी बडकर ने बताया कि होवरक्राफ्ट जहाजों को सीमा पर भेजा गया, क्योंकि गुजरात में अब मंगलुरु की तुलना में उनकी अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास इस समय 18 होवरक्राफ्ट जहाज हैं और यह संख्या बढ़ने पर उन्हें यहां वापस लाया जा सकता है। बता दें कि मेंगलुरु को जल्द ही पहली कोस्ट गार्ड ट्रेनिंग अकादमी मिलेगी। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सहित अकादमी के लिए सभी रास्ते साफ कर दिए गए हैं। 159 एकड़ के भूखंड पर अकादमी स्थापित करने के प्रस्ताव पर कार्य प्रगति पर है।