फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

MEA प्रवक्ता ने कहा: लिस्टर और बर्मिंघम में भारतीयों पर हमले रोके ब्रिटेन सरकार, अपराधियों पर हो कार्रवाई

Thu, 22 Sep 2022 08:40 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने नियमित प्रेस कांफ्रेंस में ब्रिटेन में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा भारतीयों पर हमले के अलावा कनाडा में खालिस्तानियों के कार्यक्रम सहित कई मुद्दों पर सवालों के जवाब दिए। 
विज्ञापन
Aridam Bagchi, MEA - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ब्रिटेन में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा मंदिरों के बाहर उग्र प्रदर्शन और हमले के मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस संबंध में वहां के सरकारों से बात की जा रही है। ब्रिटेन के लिस्टर और बर्मिंघम में हिंसा की घटनाओं पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मिशन आगे के हमलों को रोकने के लिए ब्रिटेन के साथ संपर्क में है, हमारी मांग है कि सरकार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करे।  

विज्ञापन


कनाडा में खालिस्तान जनमत संग्रह
वहीं, कनाडा में खालिस्तान जनमत संग्रह पर प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि यह एक हास्यास्पद कार्यक्रम है जो कनाडा में चरमपंथी और कट्टरपंथी तत्वों द्वारा आयोजित किया गया था। इस मामले को कनाडा के अधिकारियों के साथ उठाया गया है। हमें यह बेहद आपत्तिजनक लगता है कि एक मित्र देश में राजनीति से प्रेरित कार्यक्रमों की अनुमति दी गई है।  

कश्मीर पर तुर्की की आपत्ति खारिज 
तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोआन की यूएनजीए में कश्मीर पर टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक अलग मुद्दा है, हमारी स्थिति सर्वविदित है। जम्मू-कश्मीर हमारा आंतरिक मामला है और हमने अपना विरोध जताया है। यूएनजीए में अन्य देशों द्वारा कश्मीर का संदर्भ मायने नहीं रखता। दरअसल, बुधवार को न्यूयॉर्क में चल रहे UNGA को संबोधित करते हुए तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने कहा कि भारत और पाकिस्तान 75 साल पहले अपनी संप्रभुता और स्वतंत्रता स्थापित करने के बाद भी उन्होंने अभी भी एक दूसरे के बीच शांति और एकजुटता स्थापित नहीं की है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम आशा और प्रार्थना करते हैं कि कश्मीर में एक निष्पक्ष और स्थायी शांति-समृद्धि स्थापित हो।
विज्ञापन


रूस-यूक्रेन के बीच हो बातचीत 
बागची ने कहा कि भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध के तत्काल समाप्ति के लिए बातचीत और कूटनीति के माध्यम से चल रहे संघर्ष को हल करने पर जोर दिया है। पीएम मोदी ने एससीओ की बैठक में जो बाइडन के सामने भी यह दोहराया था। दोनों देशों की अखंडता और संप्रभुता पर भारत स्थिति स्पष्ट रही है।  

थाईलैंड में नौकरी के प्रलोभन से बचें
प्रवक्ता ने कहा कि हमें इस बात की जानकारी है कि आईटी कंपनियां थाईलैंड में नौकरी के बहाने भारतीय कामगारों की भर्ती करती हैं जिन्हें तब म्यांमार ले जाया गया था। हमारे प्रयासों की बदौलत कुछ लोगों को बचाने में मदद मिली है। हम भारतीय नागरिकों से वहां नौकरी की पेशकश लेने से पहले सावधानी बरतने का आग्रह करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें