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साइड इफेक्ट का डर : एस्ट्राजेनेका टीके से ब्लड क्लॉट की शिकायत पर भारत सतर्क, शीर्ष समिति करेगी समीक्षा

Fri, 09 Apr 2021 09:50 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • यूरोप में कोविशील्ड लेने वाले युवाओं में ब्लड क्लॉट की शिकायत
  • यूरोप की तर्ज पर भारत में सरकारी पैनल करेगा इसकी जांच
  • देश में कोविशील्ड और कोवैक्सीन की खुराकें दी जा रही हैं
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वैक्सीन की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुनिया में कोरोना वायरस की एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के साइड इफेक्ट को लेकर कई मामले दर्ज किए गए हैं। ऐसे में भारत सरकार अलर्ट हो गई है। अब भारत की शीर्ष समिति कोविशील्ड और कोवैक्सीन लगाए जाने के बाद होने वाले दुष्प्रभावों से संबंधित आंकड़ों की समीक्षा करने जा रही है। 

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बता दें कि यूरोपियन यूनियन के औषधि नियामक ने ब्लड क्लॉट और एस्ट्राजेनेका के बीच संभावित लिंक की चेतावनी दी है। एजेंसी ने एक बयान जारी कर कहा कि दुनिया में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन और हजारों लोगों में से दर्जनों में ब्लड क्लॉट के बीच एक कारणात्मक लिंक मिला है। 

अब इस चेतावनी को लेकर भारत अलर्ट पर है। बता दें कि देश में एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की ओर से बनाई जा रही कोवैक्सीन के टीके लगाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार इन दोनों वैक्सीन की समीक्षा करेगी। बता दें कि यूरोप के ड्रग कंट्रोलर ने बुधवार को कहा था कि एस्ट्राजेनेका वैक्सीन और व्यस्कों में गंभीर ब्लड क्लॉट को लेकर एक संभावित लिंक पाया गया है। 
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सूत्रों के मुताबिक भारत में, एडवर्स इवेंट फॉलोइंग इम्यूनाइजेशन (AEFI) के लिए राष्ट्रीय समिति, अब प्राथमिकता के आधार पर कवर किए गए करीब 19,500 कम गंभीर मामलों के वैक्सीनेशन के बाद के एडवर्स रिएक्शन की रिपोर्ट की समीक्षा का विस्तार करेगी।

ड्रग कंट्रोलर का कहना है कि जिन लोगों ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की खुराक ली है, उनमें गंभीर ब्लड क्लॉट की संभावना देखी गई है। वहीं भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों और दूसरी लहर को देखते हुए केंद्र सरकार ने टीकाकरण अभियान तेज कर दिया है।बता दें कि गुरुवार को देश में सवा लाख से ज्यादा कोरोना के दैनिक मामले दर्ज किए गए हैं। 

एक सरकारी सूत्र का कहना है कि जिन लोगों को कोविशील्ड और कोवैक्सीन दी गई है, उनमें ब्लड क्लॉट जैसे गंभीर समस्या देखी जा रही है या नहीं, इस बात की जांच होनी है। यूरोप के एलान के बाद कई देशों ने युवाओं को एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन देने पर रोक लगा दी है।

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