विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव (फाइल फोटो)
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान को अंतरिम प्रांत का दर्जा देने की घोषणा की है। पाकिस्तान के इस कदम का भारत ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है।भारत ने पाकिस्तान से दो टूक कहा है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। गिलगित-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्त ने कहा, “भारत सरकार पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र के एक हिस्से में अवैध और जबरन कब्जे के तहत भौतिक परिवर्तन लाने के प्रयास को दृढ़ता से अस्वीकार करती है। मैं दोहराता हूं कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत गिलगिट-बाल्टिस्तान भारत का अभिन्न अंग है।''
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के प्रयास पाकिस्तान के अवैध कब्जे का दावा करते हैं। इस तरह के प्रयासों से इन पाक अधिकृत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के सात दशकों से अधिक समय तक मानव अधिकारों के उल्लंघन और आजादी से वंचित रखने को नहीं छुपाया जा सकता।
इमरान खान ने गिलगित-बाल्टिस्तान की अपनी यात्रा के दौरान कहा, 'मेरे गिलगित-बाल्टिस्तान आने के कारणों में से एक यह घोषणा करना है कि हमने गिलगित-बाल्टिस्तान को अस्थायी प्रांतीय दर्जा देने का फैसला किया है। पाकिस्तान की ओर से यह कदम तब उठाया गया है, जब सऊदी अरब ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) और गिलगित-बाल्टिस्तान को पाकिस्तान के नक्शे से हटा दिया था। लंबे समय से गिलगित बाल्टिस्तान के मुद्दे पर इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इमरान के इस फैसले के बाद यहां बड़े पैमाने पर आक्रोश फैलने की आशंका है।