सरकार ने शुक्रवार को कहा, बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा, यह संशोधन अधिशेष बिजली से जुड़ा है, जो घोषित उत्पादन क्षमता के भीतर है। लेकिन, वितरण कंपनियों ने इसकी मांग नहीं की है।
पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्पादन कंपनियों को अब बची (अधिशेष) बिजली एक्सचेंज को देनी होगी। इसके लिए सरकार ने अधिशेष बिजली और विलंब भुगतान अधिभार से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। सरकार ने शुक्रवार को कहा, बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए यह कदम उठाया गया है। केंद्रीय बिजली मंत्री आरके सिंह ने कहा, यह संशोधन अधिशेष बिजली से जुड़ा है, जो घोषित उत्पादन क्षमता के भीतर है। लेकिन, वितरण कंपनियों ने इसकी मांग नहीं की है।
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2022 के बिजली नियमों में संशोधन
मंत्री ने कहा, कुछ बिजली उत्पादक अधिशेष बिजली बाजार में नहीं ला रहे हैं। इससे राष्ट्रीय स्तर पर बिना उपयोग की बिजली क्षमता बढ़ रही है।
शुल्क का नहीं कर सकेंगे दावा
सिंह ने कहा, जो उत्पादक अतिरिक्त बिजली की पेशकश नहीं करेंगे, वे अब बिना उपयोग बिजली की मात्रा के अनुरूप शुल्क का दावा नहीं कर सकेंगे।
ऊर्जा खपत 8% बढ़ 128 अरब यूनिट
ऊर्जा की खपत फरवरी में आठ फीसदी बढ़कर 127.79 अरब यूनिट पर पहुंच गई है। फरवरी, 2023 में 118.29 अरब यूनिट रही थी। इस साल फरवरी में 29 दिन होने से ऊर्जा खपत में थोड़ी बढ़त दिखी है। इस दौरान एक दिन में सबसे ज्यादा खपत 222 गीगावाट की रही है।