बुधवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे तटरक्षक वायु स्टेशन दमन को फंसे हुए मछली पकड़ने वाली तुलसी देवी को बचाव सहायता देने का काम सौंपा गया था, जो 16 अगस्त को कृष्णापुर मछली पकड़ने के बंदरगाह वलसाड से रवाना हुई थी।
भारतीय तटरक्षक बल ने रविवार को अपनी जान की परवाह किए बिना तीन अलग-अलग अभियानों में बांग्लादेश के 27 मछुआरों की जान बचायी। तटरक्षक बल के जवानों ने बंगाल की खाड़ी में आज पहले 10 बांग्लादेशी मछुआरों को बचाया। इसके बाद फिर 17 मछुआरों को समुद्र से बाहर निकाला।
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भारतीय तटरक्षक बल ने एक ट्वीट में कहा, तटरक्षक जहाज अनमोल ने आज बंगाल की खाड़ी में दस बांग्लादेशी मछुआरों को बचाया। शेष दो लापता बांग्लादेशी मछुआरों की तलाश जारी है। इस काम के लिए जहाजों और विमानों की मदद ली जा रही है। इससे पहले 18 अगस्त को तटरक्षक बल ने दमन से एक चेतक हेलीकॉप्टर के जरिए अभियान शुरू किया था और वलसाड तट से मछली पकड़ने वाली नाव तुलसी देवी के 14 मछुआरों को बचाया था।
बचाव अभियान 17 अगस्त को शुरू हुआ था
रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले बुधवार को करीब साढ़े ग्यारह बजे तटरक्षक वायु स्टेशन दमन को फंसे हुए मछली पकड़ने वाली तुलसी देवी को बचाव सहायता देने का काम सौंपा गया था, जो 16 अगस्त को कृष्णापुर मछली पकड़ने के बंदरगाह वलसाड से रवाना हुई थी।
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खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों के बीच जवानों ने बचाव अभियान चलाया। इस दौरान जवानों को समुद्र से उठ रहीं लहरों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन जवानों ने अपने हौंसले से बंगाल की खाड़ी में फंसे मछुआरों को बचा लिया। मछुआरों को सफलतापूर्वक बाहर निकाला गया। फिर उन्हें तटरक्षक वायु स्टेशन दमन ले जाया गया। यहां उन्हें प्रारंभिक चिकित्सा उपचार दिया गया। इसके बाद मछुआरों को उनके परिजनों तक पहुंचा दिया गया।