केंद्र सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) में अधिकारियों की भर्ती के लिए नई नीति लागू की है। इसके तहत "लिंग-तटस्थ ढांचा" अपनाया गया है, जिससे महिलाओं के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि नई नीति की प्रमुख विशेषताओं में महिलाओं को शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (एसएसए) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (पीए) दोनों में पुरुषों के समान अवसर देना शामिल है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के लिए दो महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की। इनका उद्देश्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों में "लैंगिक समानता" को बढ़ावा देना तथा ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले कर्मियों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
नई नीति बनाने का क्या है उद्देश्य?
रक्षा मंत्रालय ने कहा, "पहली नीति के तहत भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारियों की भर्ती के लिए लिंग-तटस्थ ढांचा लागू किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताओं में महिला उम्मीदवारों को शॉर्ट सर्विस अपॉइंटमेंट (एसएसए) और परमानेंट अपॉइंटमेंट (पीए) दोनों में पुरुष उम्मीदवारों के समान अवसर प्रदान करना शामिल है।" मंत्रालय ने बताया कि एसएसए अब पुरुष उम्मीदवारों के लिए भी उपलब्ध रहेगा।
बयान के अनुसार, नई नीति प्रशिक्षण के शुरुआती चरण से ही करियर में समान अवसर सुनिश्चित करती है। वर्तमान में स्थायी नियुक्ति पर कार्यरत महिला अधिकारियों को पात्रता की शर्तें पूरी करने पर उच्च पदों पर पदोन्नति के लिए भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा, वर्तमान में एसएसए पर कार्यरत महिला अधिकारियों को निर्धारित शर्तें पूरी करने पर अपनी सेवा को परमानेंट अपॉइंटमेंट (पीए) में बदलने का विकल्प भी दिया जाएगा।
क्या है दूसरा बड़ा सुधार?
मंत्रालय ने कहा, "यह प्रगतिशील कदम 'नारी शक्ति' और देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में समान अवसर के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।" दूसरा नीतिगत सुधार ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता होने वाले तटरक्षक बल के कर्मियों के परिजनों को राहत देने और प्रशासनिक प्रक्रिया को आसान बनाने से जुड़ा है।
मंत्रालय ने कहा कि इस नीति के तहत ड्यूटी के दौरान समुद्र में लापता हुए आईसीजी कर्मी को अनुग्रह राशि देने के उद्देश्य से "मृत मानने" का अधिकार संबंधित प्राधिकरण को दिया गया है। इससे परिजनों को अनुग्रह राशि और सेवा समाप्ति से जुड़े लाभ तेजी से मिल सकेंगे तथा उन्हें लंबे प्रशासनिक इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा।
राजनाथ सिंह ने की सरकार की नीतियों की सराहना
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पिछले पांच दशकों में भारतीय तटरक्षक बल की सेवाओं की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि ये नई नीतियां 2027 में स्वर्ण जयंती की ओर बढ़ रहे बल का मनोबल और परिचालन क्षमता दोनों मजबूत करेंगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी दोहराया, जिसके तहत भारतीय तटरक्षक बल को आधुनिक, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार समुद्री सुरक्षा बल बनाया जा रहा है।