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भारतीय सेना का उपहारः कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय में दिखेगा अरुणाचल प्रदेश का वैभव, 23 को होगा उद्घा

सार

Indian Army: तेजपुर में रक्षा मंत्रालय कप्रवक्ता ले. कर्नल अतुल श्रीधर ने बताया कि, संग्रहालय का उद्घाटन 23 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू द्वारा केंद्रीय ग्राम विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री कमलेश पासवान की उपस्थिति में किया जाएगा।
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कमेंग संस्कृति और विरासत संग्रहालय - फोटो : अमर उजाला
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पश्चिम अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना द्वारा तैयार सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय का उद्घाटन जल्द ही होने जा रहा है।  उद्घाटन के बाद पश्चिम अरुणाचल प्रदेश के डिरांग के न्यूकमाडुंग में स्थित कमेंग संस्कृति और विरासत संग्रहालय सभी लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। 
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तेजपुर में रक्षा मंत्रालय कप्रवक्ता ले. कर्नल अतुल श्रीधर ने बताया कि, संग्रहालय का उद्घाटन 23 को अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू द्वारा केंद्रीय ग्राम विकास मंत्रालय के राज्य मंत्री कमलेश पासवान की उपस्थिति में किया जाएगा। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल गंभीर सिंह, एवीएसएम, वाईएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, तेजपुर गजराज़ कॉर्प्स उपस्थित रहेंगे। 

उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश को "लैंड ऑफ द डॉन लिट माउंटेनस" अर्थात् "सूर्य उगने वाली धरती" के रूप में जाना जाता है। अरुणाचल प्रदेश की भारतीय सभ्यता का कालिका पुराण और महाकाव्य महाभारत से गहरा संबंध है। समृद्ध संस्कृति और प्राचीन विरासत स्थापित करने वाले अनेकों ऐतिहासिक धरोहर और पुरातात्त्विक स्थलों से भरा है अरुणाचल, जिन्हें खूबसूरत प्राकृतिक सौंदर्य के साथ कमेंग संग्रहालय में समाहित किया गया है।
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श्रीधर ने बताया कि भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन सद्भवना के हिस्से के रूप में तैयार किया गया और भारत सरकार की सीमांत वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के साथ सहयोग किया गया यह संग्रहालय अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर का विशेष साक्षी बनेगा। इसमें अरुणाचल प्रदेश के ऐतिहासिक, धार्मिक, पुरातात्त्विक और जातीय पहलुओं को समेटेगा और सभी समुदायों के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों की झलक दिखेगी। कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय के लिए स्थानीय जनजातियों ने स्वेच्छा से पूर्वजों की भूमि और 343 पारंपरिक कलाकृतियां दान की हैं। इसकी देखरेख राष्ट्रीय संग्रहालय संस्थान ऑफ हिस्ट्री ऑफ आर्ट, कंजर्वेशन एंड म्यूज़ियोलॉजी के साथ-साथ स्थानीय लोगों के सहयोग से किया जाएगा।

संग्रहालय में भारत और अरुणाचल प्रदेश की सांस्कृतिक और विरासत संबंधों को प्रदर्शित करने के लिए अत्याधुनिक एक सिनेमा हॉल बनाया गया है। पर्यटकों के लिए एक कैफेटेरिया और बच्चों का पार्क भी बनाया गया है। संग्रहालय अरुणाचल प्रदेश की परंपरा और ऐतिहासिक घटनाओं की स्थिरता, एकता और व्यापक राष्ट्र के साथ एक स्थायी संबंध की सच्ची कहानियों को बयान करेगा। यह दुनिया भर से आने वाले दर्शकों को प्रेरित करेगा और अरुणाचल प्रदेश की संस्कृति और विरासत को समझने में मदद करेगा। श्रीधर ने कहा, कमेंग सांस्कृतिक और विरासत संग्रहालय डिरांग क्षेत्र में एक परिवर्तनशील गति लाएगा और गर्व से अरुणाचल प्रदेश तथा भारत की पहचान, विरासत और गौरव के मापदंड के रूप में खड़ा रहेगा।
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