सबसे खास बात यह है कि इन तस्वीरों में तीनों सेनाओं के प्रमुख थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ऑपरेशन्स रूम में एक साथ मौजूद नजर आ रहे हैं। यह दृश्य भारत की त्रिसेना एकता और संयुक्त रणनीतिक सोच का प्रतीक है। सेना द्वारा जारी इस बुकलेट में न केवल ऑपरेशन के रणनीतिक पहलुओं और टारगेटेड स्ट्राइक्स का विवरण दिया गया है, बल्कि यह भी दर्शाया गया है कि कैसे उच्च सैन्य नेतृत्व ने मिशन की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी और महत्वपूर्ण फैसले लिए।
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पहली बार जारी इन तस्वीरों में एक में जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल डीके त्रिपाठी, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और एक अन्य वरिष्ठ सैना अधिकारी वॉर रूम में एक साथ मंत्रणा करते दिख रहे हैं। दूसरी तस्वीर में जनरल द्विवेदी और वरिष्ठ अधिकारी रात 1:05 बजे स्क्रीन पर ड्रोन फुटेज, सैटेलाइट इमेज देख रहे हैं। 6 और 7 मई की मध्य रात्रि चलाए गए इस अभियान में भारतीय लड़ाकू विमानों ने सटीक निर्देशित बमों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों के जरिये नौ ठिकानों पर हमला किया, जिसमें 100 से अधिक आतंकी मारे गए।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए।
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वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया।