रक्षा मत्रालय ने एक बयान में बताया कि वर्दी के कंटेम्पोरेरी लुक और फंक्शनल डिजाइन में बदलाव किया गया है। कपड़े को हल्का, मजबूत, सांस लेने योग्य, जल्दी सुखाने के लिए आसान बनाया गया है।
रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को जानकारी दी कि भारतीय सेना के स्वामित्व को स्थापित करने के लिए नए केमोफ्लेज पैटर्न और कॉम्बैट यूनिफॉर्म (वर्दी ) के डिजाइन के पेटेंट की प्रक्रिया डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक, कोलकाता द्वारा पूरी कर ली गई है।
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मत्रालय ने एक बयान में बताया कि वर्दी के कंटेम्पोरेरी लुक और फंक्शनल डिजाइन में बदलाव किया गया है। कपड़े को हल्का, मजबूत, सांस लेने योग्य, जल्दी सुखाने के लिए आसान बनाया गया है। महिलाओं की कॉम्बैट वर्दी में जेंडर-वर्दी मॉडिफिकेशंस की विशिष्ठता शामिल है।
बयान में बताया गया है कि नए डिजाइन और केमोफ्लेज पैटर्न के सभी इंटेलेक्चुअल प्रोपर्टी राइट्स अब पूरी तरह से भारतीय सेना के पास हैं। इसलिए वर्दी के निर्माण के लिए कोई भी विक्रेता अधिकृत नहीं हैं। इसे अवैध माना जाएगा और वह खुद कानूनी नतीजों का सामना करने के लिए उत्तरदायी होगा।