भारतीय सेना 1965 व 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में शामिल किए गए सैनिकों को विशेष पेंशन देने की योजना बना रही है। सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस के कार्यक्रम में मंगलवार को सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे ने कहा कि इसके लिए रक्षा मंत्रालय को एक प्रस्ताव भी भेजा गया है।
सेना प्रमुख ने कहा कि पूर्व सैनिक, वीर नारियां (शहीद जवानों की विधवाएं) और उनके बच्चे सेना का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सेना इनके हित के लिए हमेशा प्रयासरत रहेगी। बीते वर्ष सेना कल्याण नियुक्ति संगठन ने 240 अधिकारियों, 11,500 जेसीओ और अन्य रैंकों को सेवानिवृत्ति के बाद नौकरियां दिलाईं। साथ ही इन्हें सरकारी नौकरी पाने में मदद के लिए 3-4 महीने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह ने इस मौके पर पूर्व सैनिकों सें सोशल मीडिया पर गलतफहमी दूर कर सैन्य सेवाओं में सकारात्मक संदेश प्रसारित करने की अपील की।
उन्हाेंने कहा, 'पूर्व सैनिकों और सैन्य कर्मियों के बीच का संबंध कभी खत्म नहीं हो सकता। यह सूचनाओं का युग है, अच्छी सूचनाओं के साथ बहुत सी भ्रामक जानकारियां भी आती हैं। ऐसे में पूर्व सैनिकों को समाज में उन्हें प्राप्त सम्मान से सेना की सकारात्मक छवि बनाने की कोशिश करनी चाहिए।'