कोलकाता के सम्मेलन में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेनाओं की वीरता और अनुकरणीय भूमिका की सराहना की और जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, सशस्त्र बल न केवल देश की सुरक्षा के प्रहरी हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी उनका योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री ने कोलकाता में 16वें संयुक्त कमांडर्स सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सशस्त्र बलों के अधिकारियों को संबोधित करते हुए यह टिप्पणी की। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी उपस्थित रहे।
कोलकाता के सम्मेलन में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारी
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार शीर्ष सैन्य अधिकारियों का ऐसा सम्मेलन
उल्लेखनीय है कि यह पहला सम्मेलन है जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद आयोजित हो रहा है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान सीमा पार आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए सटीक और लक्षित कार्रवाई थी, जिसमें तीनों सेनाओं ने
समन्वित शक्ति और पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन किया।
कोलकाता के सम्मेलन में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारी
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पीएम मोदी बोले- भारत की सुरक्षा नीति भविष्य उन्मुख होनी चाहिए
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण किसी भी हाल में धीमा नहीं होना चाहिए। उन्होंने युद्धक विमानों और युद्धपोतों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ ड्रोन तकनीक और वायु-रक्षा प्रणाली को और सशक्त बनाने का निर्देश दिया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की सुरक्षा नीति भविष्य उन्मुख होनी चाहिए और इसके लिए सेनाओं का हर स्तर पर सुदृढ़ीकरण अनिवार्य है।
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कोलकाता के सम्मेलन में पीएम मोदी, रक्षा मंत्री और अन्य अधिकारी
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बहु-क्षेत्रीय तैयारियों को और मजबूत करने पर मंथन
तीन दिन तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में इस बार का विषय रखा गया है- 'सुधार का वर्ष-भविष्य के लिए परिवर्तन।' इस बार का फोकस संस्थागत सुधारों, गहन एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण पर है, ताकि सेनाओं की बहु-क्षेत्रीय तैयारियों को और मजबूत किया जा सके। सम्मेलन में बहु-क्षेत्रीय युद्ध क्षमता को बढ़ाने के लिए आधुनिकीकरण, संयुक्तता, एकीकरण और ऑपरेशनल रेडीनेस जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।