पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के बाद तनाव बढ़ गया है। लगातार तीसरे दिन आज विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि भारत पाकिस्तानी घुसपैठ, ड्रोन से हमले और सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन का माकूल जवाब दे रहा है। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर सेवाएं अगले आदेश तक अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गई हैं। बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब को जोड़ता है। ये सिख धर्म के संस्थापक, गुरु नानक देव का अंतिम विश्राम स्थल है। पंजाब के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक मंदिर से थोड़ी दूर स्थित यह धार्मिक आस्था का केंद्र वीजा-मुक्त है। 4.7 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर भारतीय सीमा को पाकिस्तान में गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है। इसे 2019 में शुरू किया गया था।
भारतीय सशस्त्र बलों पर बेतुके आरोप लगा रहा पाकिस्तान
मिस्री ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज कर दिया कि भारत अपने ही क्षेत्र पर हमला कर रहा है। उन्होंने ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर ड्रोन हमले के बारे में गलत सूचना फैलाने के लिए पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया। उन्होंने इसे सरासर झूठ बताया। मिस्री ने कहा, अपनी हरकतों को स्वीकार करने के बदले पाकिस्तान भारतीय सशस्त्र बलों पर बेतुके आरोप लगा रहा है। वे ऐसी हरकतों में पारंगत हैं जैसा कि उनका इतिहास दिखाता है। पाकिस्तान सांप्रदायिक कलह पैदा करने के इरादे से परिस्थितियों को सांप्रदायिक रंग देने की बेतहाशा कोशिश कर रहा है।
पाकिस्तानी हमले का खंडन कर रही सरकार, हास्यास्पद है ऐसा रवैया: विदेश सचिव
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, कल रात पाकिस्तान ने भड़काऊ और आक्रामक कार्रवाई की। भारतीय शहरों और नागरिक बुनियादी ढांचे के अलावा सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमले किए गए। भारतीय सशस्त्र बलों ने आनुपातिक तरीके से जिम्मेदारी भरा और माकूल जवाब दिया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के इन हमलों का पाकिस्तानी राज्य मशीनरी (सरकार) आधिकारिक और स्पष्ट रूप से खंडन कर रही है, जो हास्यास्पद है। इससे उनका कपट सामने आ गया है। विदेश सचिव ने पाकिस्तान के इस बर्ताव को फरेब का एक और उदाहरण बताया।
धार्मिक जगहों पर हमला पाकिस्तान की एक और शर्मनाक करतूत
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने दावे किए हैं कि उसने धार्मिक जगहों पर हमले नहीं किए। ये बिल्कुल झूठ है। पाकिस्तान ने गुरुद्वारे पर हमले किए हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तानी पक्ष ने एक विशेष डिजाइन के साथ पूजा स्थलों को निशाना बनाया। यह पाकिस्तान के लिए भी एक नया निम्न स्तर है। विक्रम मिस्री ने कहा कि स्कूलों और पूजा स्थलों सहित बुनियादी नागरिक ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाना निंदनीय है। नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास गुरुद्वारों, चर्चों और मंदिरों पर जानबूझकर गोलाबारी की गई है।
स्कूल बंद न होने पर नुकसान बड़ा हो सकता था
बकौल विक्रम मिस्री, 7 मई की सुबह एलओसी पर भारी गोलाबारी के दौरान, पाकिस्तान की ओर से दागा गया एक गोला पुंछ में क्राइस्ट स्कूल के ठीक पीछे गिरा। गोले की चपेट में आने के कारण छात्रों की मौत हो गई, जबकि उनके माता-पिता घायल हो गए। विदेश सचिव ने कहा, पाकिस्तान की गोलाबारी के दौरान कई स्कूल स्टाफ और स्थानीय लोगों ने स्कूल के भूमिगत हॉल में शरण ली। सौभाग्य से स्कूल बंद था, अन्यथा और अधिक नुकसान हो सकता था।
अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की मौत का भी जिक्र
विदेश सचिव ने एक बार फिर पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों की पोल खोलते हुए कहा, बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूह का मुख्यालय है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र ने प्रतिबंध लगा रखा है। इसका नेता मौलाना मसूद अजहर एक प्रतिबंधित व्यक्ति है... जैश-ए-मोहम्मद किसी न किसी तरह से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की मौत के लिए जिम्मेदार है, लेकिन असली संबंध अहमद उमर सईद शेख के माध्यम से है।
जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हमला
उन्होंने कहा, अहमद उमर सईद शेख ब्रिटिश पाकिस्तानी जिहादी था, जिसे भारत में रखा गया था, लेकिन 2000 में उसे छोड़ दिया गया था। ये वही व्यक्ति था जिसने डेनियल पर्ल को लालच दिया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। सबकुछ देखने पर साफ होता है कि ये सभी स्पष्ट रूप से आपस में जुड़े हुए व्यक्ति और संस्थान हैं। विदेश सचिव ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने पर हमला कर उसे नेस्तनाबूद कर दिया है।
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अमर उजाला के सवाल पर मिस्री का जवाब
कल आपने पाकिस्तान को IMF बेलआउट और सिंधु जल संधि पर जो टिप्पणी की, उसकी तीखी प्रतिक्रिया आई। लेह से भुज तक सीमा पर इन्वेजन का प्रयास किया गया। मौजूदा हालात में बेलआउट पैकेज पर आपका असेसमेंट क्या है? पाकिस्तानी घुसपैठ के प्रयासों का भारत ने उस तरह का जवाब नहीं दिया है। तो क्या आने वाले समय में बीते 24 घंटे की कार्रवाई का जवाब देगा?
विक्रम मिस्री ने अमर उजाला के सवाल पर कहा, सिंधु जल संधि पर पहले ही काफी कुछ कहा जा चुका है। इसे निलंबित किया जा चुका है। कल इस पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है, ऐसे में इस फैसले पर फिलहाल कुछ भी कहने को नहीं है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक में जो फैसला हुआ है, फिलहाल वही लागू है।
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मिस्री ने कहा, जहां तक IMF बेलआउट का सवाल है, भारत आज की बैठक में अपना पक्ष मजबूती से रखेगा। हम IMF के मंच पर दूसरे सदस्यों के साथ भी अपना मत साझा करेंगे। अंतिम फैसला बोर्ड को करना है। सीमा के उल्लंघन और ड्रोन से घुसपैठ के खिलाफ भारत की जवाबी कार्रवाई के मुद्दे पर मिस्री ने कहा कि 8-9 मई की दरम्यानी रात, पाकिस्तान की तरफ से हुई कार्रवाई पर भारत ने पर्याप्त जवाब दे दिया है।