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मध्यप्रदेश: लेफ्टिनेंट कर्नल का ISI कनेक्शन? सेना ने दिए जांच के आदेश

Thu, 15 Feb 2018 11:29 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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indian army
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बुधवार को मध्यप्रदेश के जबलपुर से हनीट्रैप के संबंध में भारतीय सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को हिरासत में लिया गया था। माना जा रहा है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के हनीट्रैप या स्पीयर फिशिंग (धोखे से निजी जानकारी चुराना) के शिकार बन गए हैं। इस पूरे ऑपरेशन पर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। मगर सूत्रों का कहना है कि अधिकारी की पोस्टिंग सेना के आर्मी बेस वर्कशॉप में थी। वह पिछले दो महीनों से सेना के रडार पर थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

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यह फिलहाल साफ नहीं है कि अधिकारी से पूछताछ हनीट्रैप के मामले में की जा रही है या फिर भ्रष्टाचार के मामले में। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारी स्पीयर फिशिंग ईमेल्स के शिकार बन गए थे जिसकी वजह से कुछ दस्तावेज लीक हुए हैं। स्पीयर फिशिंग किसी को टारगेट करके किया गया स्पूफिंग हमला होता है यह आर्थिक लाभ के लिए किए जाने वाले फिशिंग से अलग होता है। इसमें उपयोगकर्ता की गोपनीय जानकारियां जैसे यूजर आईडी, पासवर्ड आदि को चुराया जाता है। इसका मकसद अनाधिकृत पहुंच के जरिए संवेदनशील सूचनाओं को हासिल करना होता है।

सूत्रों ने बताया- अधिकारी से सेना के केंद्रीय कमान मुख्यालय में पूछताछ की जा रही है और उन्हें आगे की जांच के लिए लखनऊ ले जाया जाएगा। पूछताछ के दौरान अधिकारी की पत्नी ने विरोध जताया था। बैंक खाते में एक करोड़ रुपये जमा होने के बाद से अधिकारी सेना की इंटेलीजेंस विंग के रडार पर था। लखनऊ स्थित मध्य कमान के इंटेलीजेंस ब्यूरो को इस अफसर के खाते में बड़ी रकम जमा होने की खबर मिली थी।
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इस मामले में वरिष्ठ सेना अधिकारी ने कहा- 12 फरवरी को सेना ने जबलपुर में तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल के आईटी उपकरणों से लीक हुई संदिग्ध जानकारियों के आधार पर एक अंतरिम जांच के आदेश दे दिए हैं। यह अभी पता नहीं चला है कि यह जानबूझकर किया गया था या फिर अनजाने में हुआ है। अधिकारी से जारी पूछताछ में सवाल पूछे गए हैं। वह यूनिट में अपने कर्तव्यों को जारी रख सकते हैं। मामले से जुड़े सबूत जिसमें डिजिटल सबूत भी शामिल हैं, उन्हें आगे की जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया गया है।
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