इस युद्ध अभ्यास की शुरुआत विशेष आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) बलों, भारतीय नौसेना के मार्कोज और भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो द्वारा वाहनों के साथ घुसपैठ अभियान से की जाएगी। वहीं, युद्ध के मैदान में विमान और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके बाद लॉन्ग रेंज वैक्टर और आर्टिलरी गन का भई प्रदर्शन किया जाएगा।
इन हथियार प्रणालियों का होगा प्रदर्शन
इस अभ्यास में जिन प्रमुख उपकरणों या हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन किया जाएगा, उनमें एलसीए तेजस, एएलएच एमके-IV,लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (एलयूएच), लाइट वेट टॉरपीडो, ऑटोनॉमस कार्गो कैरिएंग एरियल व्हीकल, मोबाइल एंटी ड्रोन सिस्टम, टी-90 टैंक, बीएमपी-II, आर्टिलरी प्लेटफॉर्म जैसे धनुष, शारंग, के9 वज्र और पिनाका, स्वाति वेपन लोकेटिंग रडार, यूएवी लॉन्च प्रिसिजन गाइडेड मूनिशन, क्विक रिएक्शन फाइटिंग व्हीकल्स और लॉजिस्टिक ड्रोन और विभिन्न प्रकार के ड्रोन आदि शामिल हैं।