बोइंग, मिग जैसी विदेशी कंपनियां सौदे की कतार में
भारतीय वायुसेना के लिए 114 लड़ाकू विमानों के सौदे के लिए बोइंग, लॉकहीड मार्टिन और मिग सरीखी विदेशी जेट निर्माता कंपनियां कतार में हैं। समझा जाता है कि वायुसेना अपने मौजूदा राफेल लड़ाकू विमानों जैसी क्षमताओं वाले बहुद्देश्यीय लड़ाकू विमान (एमआरएफए) खरीदना चाहती है।
विमान आयात व भारत में निर्माण के लिए जारी होने वाले टेंडर में विश्व की सभी प्रमुख विमान निर्माता कंपनियां अपने प्रमुख फाइटर जेट बेचने के लिए कतार में हैं। इनमें बोइंग अपने सुपर हॉर्नेट एफ/ए-18 ई/एफ और एफ-15ईएक्स, लॉकहीड मार्टिन एफ-21, साब ग्रिपन जैस-39 ई/एफ, मिग मिग-35 और सुखोई-35 और दसॉ एविएशन अपने राफेल जेट ऑफर कर सकती हैं। एक अन्य रूसी लड़ाकू विमान निर्माता इर्कुट कॉर्प भी इसमें शामिल हो सकती है।
इसलिए जरूरी सौदा
- भारतीय वायु सेना की पाकिस्तान और चीन पर श्रेष्ठता को बनाए रखने इन 114 लड़ाकू विमानों की खरीद अहम मानी जा रही है।
- आपातकालीन आदेश पर खरीदे गए 36 राफेल से भारत को 2020 में शुरू हुए लद्दाख संकट के समय चीन पर प्रभाव बनाए रखने में काफी मदद मिली। वायुसेना इसकी क्षमताओं से संतुष्ट है, और भविष्य में इन्हीं क्षमताओं से युक्त फाइटर जेट चाहती है।
- दोहरे खतरे को देखते हुए 36 राफेल नाकाफी माने जा रहे हैं। वायुसेना ने 83 एलसीए एमके 1ए विमानों की खरीद का भी आदेश दिया है, लेकिन इनके बाद भी ज्यादा क्षमता वाले फाइटर जेट्स की जरूरत होगी।
- बड़ी संख्या में मिग सीरीज के विमान या तो चलन से बाहर हो रहे हैं या अपने आखिरी चरण में हैं। सूत्रों के अनुसार इस बार वायुसेना ऐसे जेट चाहती है, जिनके संचालन का खर्च कम हो, लेकिन क्षमताएं ज्यादा मिलें।