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कोरोना से निपटने को चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी की मदद लेगा भारत

Thu, 02 Apr 2020 03:53 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
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केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए चीन, दक्षिण कोरिया और जर्मनी की मदद लेने का निर्णय लिया है। भारत इस समय महामारी के सामुदायिक संक्रमण स्तर पर पहुंचने के खतरे से जूझ रहा है। इससे निपटने के लिए सरकार इन तीनों देशों से उन अत्याधुनिक तकनीकों की खरीद करने और वे तरीके सीखने की तैयारी में है, जिनसे इन देशों ने अपने यहां कोरोना वायरस को काबू करने में सफलता हासिल की है।

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भारतीय अधिकारियों का कहना है कि तीनों देशों में मौजूद भारतीय दूतावासों को कहा गया है कि तत्काल इस मामले में सहयोग हासिल करने के तरीकों को चिह्नित किया जाए और संबंधित अधिकारियों से मेडिकल उपकरणों व तकनीक की खरीद करने के लिए संपर्क साधा जाए।

यह कदम देश में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के पॉजिटिव मामलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होने के बाद उठाया गया है। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 130 भारतीय दूतावासों के प्रमुखों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग में इस महामारी से निपटने के लिए मेडिकल उपकरणों, वैज्ञानिक पहलों, आविष्कारों और बेहतर तौर-तरीकों पर नजर रखने की आवश्यकता जताई थी।

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खासतौर पर दक्षिण कोरिया पर है नजर

अधिकारियों के मुताबिक, खासतौर पर इस मामले में दक्षिण कोरिया के तरीके का अध्ययन किया गया है, जहां महामारी को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर जांच और संदिग्ध मामलों की डिजिटल ट्रैकिंग का तरीका अपनाया गया। ‘ट्र्रेस, टेस्ट और ट्रीट स्ट्रेटजी’ वाले कोरियाई मॉडल को वैश्विक स्तर पर प्रशंसा मिली है। कई अन्य बड़े देशों की तरह दक्षिण कोरिया को इस महामारी से निपटने के लिए किसी लॉकडाउन का सहारा नहीं लेना पड़ा और उसके यहां व्यापारिक व आर्थिक गतिविधियां सामान्य तरीके से ही चल रही हैं।

चीन के काबू करने का तरीका भी परखा

चीन में ही कोरोना वायरस महामारी का कहर फैला था और 80 हजार से ज्यादा संक्रमितों व 3300 से ज्यादा की मौत के बावजूद चीन इसे काबू करने में सफल रहा। इस महामारी पर अब वहां लगभग पूरी तरह नियंत्रण पाया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास को उचित अधिकारियों से संपर्क साधकर सबसे बढ़िया मेडिकल तकनीक व उपकरणों की खरीद करने का लक्ष्य दिया गया है।


जर्मनी में पीड़ितों के मुकाबले मृतक संख्या पर काबू

भारतीय अधिकारियों का कहना है कि जर्मनी के प्रयासों को भी परखा जा रहा है, जहां इस महामारी के संक्रमितों की संख्या बड़े पैमाने पर होने के बावजूद इससे मरने वालों का आंकड़ा बेहद कम है। अग्रणी यूरोपीय अर्थव्यवस्था ने अपने कई कार निर्माताओं को वेंटिलेटरों व अन्य मेडिकल उपकरणों का निर्माण करने का आदेश दिया है।

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