कोविन वेबसाइट की मदद से 200 करोड़ से ज्यादा टीकाकरण हुआ, जिसकी सराहना वैश्विक मंच पर हुई है। देश के 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को स्वास्थ्य बीमा लाभ देने के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू हुई, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित है।
युद्ध, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के अलावा जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने स्वास्थ्य को लेकर भी भारत के नेतृत्व में आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। सभी देशों ने मिलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसे लेकर भारत के चर्चित मॉडल कोविन वेबसाइट, आयुष्मान भारत और ई संजीवनी को आदर्श माना है। आगामी दिनों में भारत इन सभी तकनीकों को जी-20 देशों के साथ न सिर्फ साझा करेगा, बल्कि भारतीय संस्थान इसे लागू कराने में भी इन देशों का सहयोग करेंगे। इसके साथ-साथ वैश्विकस्तर पर निम्न से लेकर विकसित देशों तक में डिजिटल मॉडल्स को ले जाने का काम विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) करेगा।
ये उपलब्धियां की हासिल
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कोविन वेबसाइट की मदद से 200 करोड़ से ज्यादा टीकाकरण हुआ, जिसकी सराहना वैश्विक मंच पर हुई है। देश के 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को स्वास्थ्य बीमा लाभ देने के लिए आयुष्मान भारत योजना लागू हुई, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर आधारित है। कोरोना के दौरान घर बैठे चिकित्सा सलाह देने में ई संजीवनी बड़े प्लेटफार्म के रूप में उभरा है। अब तक 10 करोड़ मरीजों को लाभ मिला है।
हो चुकी है लंबी चर्चा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव ने बताया कि जी-20 की अध्यक्षता जब भारत को मिली, तभी डब्ल्यूएचओ के सहयोग से डिजिटल स्वास्थ्य को बढ़ावा देने पर लंबी चर्चा हुई। इसके बाद भारत ने अपने एजेंडे में इसे शामिल किया और विश्व बैंक के सहयोग से डब्ल्यूएचओ ने डिजिटल स्वास्थ्य को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी किए।