भारत-पाक सीमा पर टिड्डी दल का धावा
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फसलों को टिड्डियों के हमले से बचाने के लिए सरकार ड्रोन व अन्य विशेष उपकरणों का उपयोग करेगी। इनकी मदद से टिड्डी दलों पर नजर रखने के साथ ही कीटनाशक का छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए वह इन्हें खरीदने जा रही है।
इस साल पाकिस्तान सीमा से लगते इलाकों में फसलों पर हुए टिड्डियों के हमलों पर प्रशासन ने काबू पा लिया था, लेकिन पाकिस्तान में दोबारा से फसलों पर टिड्डियों के हमलों से गेहूं और तिलहन की फसलों को बचाने के लिए सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
सूत्रों ने बताया कि इससे निपटने के लिए भारी मात्रा में कीटनाशक के उपलब्धता के साथ ही वह ड्रोन और कीटनाशक के छिड़काव वाले स्पेयर खरीद रहे हैं। केंद्र ने पश्चिमी व उत्तर भारत में टिड्डियों के हमले से निपटने की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों को वहां भेजा है।
इसके साथ ही पाकिस्तान की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए भारत और पाकिस्तान के अधिकारी कई बार मिलकर समीक्षा कर चुके हैं।
पिछले दो दशक के दौरान पाकिस्तान टिड्डियों के हमले के चलते सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान ने इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दिया है। एक सवाल के जवाब में सूत्रों ने बताया कि हालांकि अभी तक उन्हें पाकिस्तान से कीटनाशक के खरीद का प्रस्ताव नहीं मिला है। अगर वह भारत से आग्रह करता है और सरकार की मंजूरी मिलती है तो हम उसे इसकी बिक्री कर सकते हैं।
टिड्डियों का झुंड एक दिन में 150 किमी तक हवा के साथ उड़ सकता है। झुंड हर दिन ताजा खाना खाता है और वह अपने वजन जितना खा सकता है। एक छोटा झुंड एक दिन में लगभग 35,000 लोगों जितना खाना खाता है। मालूम हो कि दुनिया भर में टिड्डी दल के हमले के चलते कई देशों में खाद्यान्न संकट खड़ा हो सकता है।