देश में मोदी सरकार बनने के बाद अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुरुआत हुई। जिसके बाद दुनिया भर में योग और आयुर्वेद को एक नई पहचान भी मिली। इसी के चलते अब देश का आयुष मंत्रालय विश्व स्तर पर नई पहल करने जा रहा है। पांच नवंबर को होने जा रहे तीसरे राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस को लेकर आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने अमर उजाला से जानकारी साझा करते हुए बताया कि जल्द ही आयुर्वेद की दवाएं विदेशों में भी उपलब्ध हो सकेंगी।
मंत्रालय के अनुसार पिछले कुछ सालों के दौरान आयुर्वेद से कई सफल दवाएं निकाली गई हैं। इनमें जैसे मधुमेह की दवा बीजीआर 34 ऐसी दवा है जिसे वैज्ञानिक एवं औद्यौगिक अनुसंधान परिषद सीएसआईआर ने आधुनिक वैज्ञानिक पद्धति से तैयार कर बाजार में उतारा है। इसके क्लिनिकल ट्रायल भी हुए हैं। इसी प्रकार सहेली गर्भनिरोधक व ऑर्थराइटिस की दवा समेत कई दवाएं हैं। लेकिन विदेशों में यह दवा के रूप में इसलिए अभी तक नहीं बिक पाती हैं क्योंकि इन्हें वहां के नियमों के मुताबिक दवा के रूप में पंजीकृत नहीं कराया गया है।