पार्टी नेतृत्व का मानना था कि नमिता के लड़ने से पूरे प्रदेश में अटलजी के प्रति सहानुभूति लहर बहेगी, जो किसी भी विपक्षी गठबंधन पर भारी पड़ेगी। पिछले लोकसभा चुनाव में मोदी के वाराणसी से लड़ने पर भी प्रदेश में भाजपा के पक्ष में हवा बन गई थी। अटलजी ने 1991 से लगातार पांच बार लखनऊ से लोकसभा चुनाव जीता। इसके बाद से ही यहां की लोकसभा और इसके अंतर्गत आने वाली सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा लगातार जीतती रही।
नमिता भट्टाचार्य के इस निर्णय से अब केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के लखनऊ से चुनाव लड़ने पर कोई संशय नहीं रह गया है। पिछले चुनाव में उनकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी रीता जोशी अब भाजपा में हैं और योगी आदित्यनाथ सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।