अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि हम भारत का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सफल चुनाव के लिए बधाई देते हैं। हम अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के मुद्दों पर साथ काम करने के लिए उत्साहित हैं, जो भारत और अमेरिका के बीच सहभागिता की वैश्विक रणनीति है। हम इसे और आगे ले जाना चाहते हैं।
यूएनएसी में भारत की अस्थाई सदस्यता के लिए दुनिया ने समर्थन और सहयोग दिया। मैं उनका आभार प्रकट करता हूं। भारत सभी के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और बराबरी के लिए काम करेगा।-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
भारत के सदस्य चुने जाने पर रूस, फ्रांस समेत चीन ने भी बधाई दी है। लद्दाख में तनातनी के बीच यूएन में चीन के स्थायी मिशन ने ट्वीट कर कहा, भारत के अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को कायम रखने के लिए काम करेंगे। वहीं, रूसी मिशन ने कहा, हम नए सदस्य के साथ काम करने के लिए तैयार हैं।
- आठ साल बाद फिर मिली जिम्मेदारी
भारत आठवीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना जा रहा है। इसके पहले 1950-51, 1967-68, 1972-73, 1977-78, 1984-85, 1991-92 और 2011-12 में भारत यह जिम्मेदारी निभा चुका है। सुरक्षा परिषद में 15 देश हैं। इनमें पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन और 10 देशों को अस्थाई सदस्यता दी गई है।
हर साल पांच अस्थायी सदस्य चुने जाते हैं। अस्थाई सदस्यों का कार्यकाल दो साल होता है। 193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र में भारत को जीत के लिए दो-तिहाई यानी 128 देशों के समर्थन की जरूरत थी। सदस्य देश गुप्त मतदान करते हैं। भारत को आठ देशों ने गुप्त मतदान में वोट नहीं दिया, जबकि इस मतदान में 193 सदस्य देशों में से 192 ने भाग लिया था।