भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा मामले में भारत इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) की सुनवाई में पूरी तैयारी के साथ जाएगा। इस दौरान भारत आईसीजे को जाधव के उस दौरान ईरान में होने और उनके व्यापार के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा।
भारत की योजना पिछली सुनवाई में आईसीजे की ओर से दिए गए आदेशों का पाकिस्तान द्वारा पालन न किए जाने को भी जोरशोर से उठाने की है। गौरतलब है कि जाधव मामले की अगली सुनवाई 8 जून को होगी।
इस मुकदमे से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक भारत ने पहली सुनवाई में जाधव का ईरान से अपहरण होने का दावा किया था। अगली सुनवाई में भारत इस संबंध में कई तथ्य अंतरराष्ट्रीय अदालत के समक्ष रखेगा। इस दौरान जाधव के ईरान में व्यवसाय और गिरफ्तारी की घोषणा के कुछ दिन पहले तक उनके ईरान में होने की भी जानकारी दी जाएगी।
उक्त अधिकारी ने बताया कि पहली सुनवाई में आईसीजे ने वियना संधि के अनुरूप पाकिस्तान को कहा था कि वह भारत को जाधव तक राजनयिक पहुंच दे। चूंकि पाकिस्तान ने इस आदेश के बावजूद राजनयिक पहुंच नहीं दी है। ऐसी स्थिति में भारत आईसीजे के समक्ष पाकिस्तान के रवैये पर भी सवाल खड़ा करेगा।
भारत यह भी बताएगा कि आईसीजे के आदेश के बावजूद न तो पाकिस्तान ने जाधव तक राजनयिक पहुंच दी और न ही जाधव से जुड़े मामले की कानूनी प्रक्रिया के बारे में कुछ बताया।
यहां तक कि कई कोशिशों के बावजूद जाधव की मां को भी वीजा उपलब्ध नहीं कराया। गौरतलब है कि पहली सुनवाई में आईसीजे ने माना था कि जाधव फांसी मामले में पाकिस्तान ने वियना समझौते का उल्लंघन किया है।