पी8आई मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट
- फोटो : Boeing India
इस सौदे में घरेलू कंपनियों के लिए 30 फीसदी ऑफसेट क्लॉज अनिवार्य होगा। मतलब इस सौदे के कुल कीमत का 30 फीसदी निर्माण भारत की कंपनियां करेंगी। इन 10 विमानों के नौसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद भारत के पास कुल 22 पी8 आई विमान हो जाएंगे।
यह विमान समु्द्री गश्ती के साथ ही हल्के टारपीडो को दागने और समुद्र में छिपे दुश्मन के पनडुब्बी को ट्रैक करने में माहिर है। इसे अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया की नौसेना पहले से ही ऑपरेट कर रही हैं। भारतीय नौसेना बोइंग द्वारा अतिरिक्त 10 पी8 आई विमान को देने के बाद रूसी मूल के पुराने पड़ चुके विमानों को सेवा से हटा देगी।
ज्ञात हो कि भारत ने आठ विमानों के पहले बैच को 2009 में 2.1 बिलियन डॉलर के सौदे के तहत ऑर्डर दिया था जबकि 2016 में चार अतिरिक्त विमानों का ऑर्डर दिया गया था।
पी8आई मैरिटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट
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