भारत ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से ढील मिलने के बाद ही ईरान से फिर से कच्चा तेल खरीदने पर विचार करेंगे। इससे आयात स्रोत में विविधता आएगी। ईरान पर अमेरिकी सरकार की पाबंदियों के बाद भारत ने 2019 के मध्य में वहां से तेल आयात पर रोक लगा दी थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरान परमाणु समझौते को दोबारा से पटरी पर लाने के लिए अमेरिका और अन्य ताकतवर देशों की विएना में बैठक हो रही है। बैठक में एक बार प्रतिबंध हट जाता है तो हम ईरान से तेल आयात पर विचार कर सकते हैं। भारतीय रिफाइनरी कंपनियों से इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है।
उन्होंने बताया कि ईरान से आयात शुरू होने के कई लाभ हैं। मार्ग छोटा होने के कारण न सिर्फ ढुलाई लागत कम होती है बल्कि तेल की कीमतों में गिरावट भी आएगी। भारत अपनी जरूरतों का 85 फीसदी से ज्यादा आयात करता है। ईरान पर प्रतिबंध के बाद 2020-21 में इराक भारत का सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता रहा। उसके बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात का स्थान रहा।