BRICS: मिस्र, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और इथियोपिया के प्रतिनिधियों ने ब्रिक्स की एक महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार हिस्सा लिया। भारत ने इस पर खुशी जताई है।
भारत ने मिस्र, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और इथियोपिया के ब्रिक्स समूह में शामिल होने पर खुशी जताई है। भारत द्वारा इस पहल का तहेदिल से स्वागत किया गया है। बता दें कि इन पांचों देशों के प्रतिनिधियों ने रूस की ओर से आयोजित ब्रिक्स की एक महत्वपूर्ण बैठक में पहली बार हिस्सा लिया। इसे लेकर भारत की ओर से खुशी जताई गई। रूस की ओर से आयोजित ब्रिक्स की बैठक में वरिष्ठ राजनयिक दम्मू रवि ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। यह बैठक पश्चिमी रूस के निजनी नोवगोरोद में आयोजित की गई।
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भारत ने किया पांचों देशों का स्वागत
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा ‘विस्तारित ब्रिक्स समूह के की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारत इसमें शामिल हुई नए सदस्यों का तहे दिल से स्वागत करता है।’ वर्ष 2023 में ब्रिक्स के विस्तार के बाद यह पहली मंत्रिस्तरीय बैठक थी। मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात अब ब्रिक्स समूह के पूर्ण सदस्य बन गए हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका पहले से ही ब्रिक्स के सदस्य हैं।
बैठक में इस वजह से शामिल नहीं हुए डॉ. एस जयशंकर
आमतौर पर ब्रिक्स की बैठकों में विदेश मंत्री भाग लेते हैं। लेकिन, डॉ. एस जयशंकर को रविवार को प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लिया। इसके ठीक अगले दिन यानी सोमवार को उन्हें विदेश मंत्री के रूप में नियुक्त किया गया। इसलिए वे ब्रिक्स की बैठक में भाग लेने के लिए रूस नहीं जा सके। बता दें, रूस ने 1 जनवरी 2024 को ब्रिक्स की एक वर्ष की अध्यक्षता का कार्यभार संभाला था।