चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान
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भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत होती जा रही है। इसी कड़ी में भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांड के वरिष्ठ अधिकारी जनरल केविन बी. श्नाइडर के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। साथ ही, क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर सहयोग को और गहरा करने पर जोर दिया गया।
इंडो-पैसिफिक में बढ़ती साझेदारी
बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक तालमेल पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने यह स्पष्ट किया कि वे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय के अनुसार, इस बातचीत में द्विपक्षीय और त्रि-सेवा सहयोग को और विस्तारित करने पर भी सहमति बनी।
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तकनीक और सैन्य सहयोग पर फोकस
दोनों देशों ने इस बात को स्वीकार किया कि आधुनिक समय में तकनीक सैन्य शक्ति का अहम आधार बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए रक्षा सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम करने पर बल दिया गया। इससे पहले, जनरल अनिल चौहान ने ब्रिटेन के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। उन्होंने सर रिचर्ड नाइटन के साथ मुलाकात कर वैश्विक चुनौतियों, साइबर खतरों और व्यापार असंतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान भारत और ब्रिटेन ने भी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और समृद्धि बनाए रखने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
बदलते युद्ध स्वरूप पर चर्चा
ब्रिटेन दौरे के दौरान जनरल चौहान ने रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज में भी संबोधन दिया, जहां उन्होंने आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति और वैश्विक सुरक्षा पर उसके प्रभाव को विस्तार से समझाया। उन्होंने यह भी बताया कि भारत किस तरह वैश्विक स्तर पर स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।