India-US Trade Deal: सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों का मानना है कि हाल के घटनाक्रम, खासकर अमेरिका में टैरिफ को लेकर हुए कानूनी और राजनीतिक फैसलों, को समझने और उनका असर आंकने के लिए समय चाहिए। इसलिए बैठक को आपसी सहमति से बाद में करने का फैसला लिया गया है।
भारत और अमेरिका के बीच होने वाली अंतरिम व्यापार समझौते (ट्रेड डील) पर बातचीत फिलहाल टल गई है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों की जो अहम बैठक 23 फरवरी से वॉशिंगटन में शुरू होने वाली थी, उसे अब आगे की तारीख के लिए टाल दिया गया है।
तीन दिन तक व्यापार वार्ता पर होना था मंथन
इस बैठक में भारत की ओर से वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव दर्पण जैन मुख्य वार्ताकार थे और भारतीय टीम तीन दिन तक अमेरिका में चर्चा करने वाली थी। इस बैठक का मकसद अंतरिम व्यापार समझौते के कानूनी दस्तावेज को अंतिम रूप देना था। दरअसल, यह पूरा मामला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ फैसलों से जुड़ा हुआ है। ट्रंप ने हाल ही में सभी देशों पर पहले 10% और फिर बढ़ाकर 15% तक आयात शुल्क लगाने की घोषणा की है। इससे पहले अमेरिका ने 2025 में भारत पर कुल 50% तक टैरिफ लगा दिया था, जिसमें से 25% पहले ही हटाया जा चुका है।
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ट्रंप के टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बताया अवैध
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने भी हाल में ट्रंप के पुराने टैरिफ फैसलों को अवैध बताया था और कहा था कि राष्ट्रपति ने अपने अधिकारों से ज्यादा कदम उठाए। इसी वजह से अब व्यापार नीति को लेकर स्थिति थोड़ी अनिश्चित बनी हुई है। अगर नई 15% ड्यूटी लागू होती है, तो यह पहले से लगने वाले आयात शुल्क के ऊपर लगेगी। यानी किसी उत्पाद पर अगर पहले 5% ड्यूटी है, तो कुल मिलाकर वह 20% हो जाएगी।
अगले महीने होना था ट्रेड डील पर हस्ताक्षर
दोनों देशों ने पहले ही इस साल मार्च तक अंतरिम ट्रेड डील पर हस्ताक्षर करने और अप्रैल से उसे लागू करने का लक्ष्य रखा था। यह समझौता भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और भारत के करीब 18% निर्यात अमेरिका को जाते हैं। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार करीब 186 अरब डॉलर का रहा था।