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India-Brazil Ties: 'भारत के साथ साझेदारी में कोई दबाव और तानाशाही रवैया नहीं', लूला ने की रिश्तों की सराहना

Sun, 22 Feb 2026 12:27 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की भारत यात्रा का आज अंतिम दिन है। आज वे यहां से दक्षिण कोरिया रवाना हो जाएंगे, इससे पहले उन्होंने दिल्ली में बातचीत के दौरान उन्होंने भारत-ब्राजील को ग्लोबल साउथ के लोकतांत्रिक भाई बताया है। इस दौरान उन्होंने अपनी साल 2005 की यात्रा को याद भी किया है।
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लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, राष्ट्रपति, ब्राजील - फोटो : ANI
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विस्तार
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ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के रिश्तों को बेहद खास बताते हुए कहा कि भारत और ब्राजील 'ग्लोबल साउथ के लोकतांत्रिक भाई' हैं। उन्होंने बताया कि साल 2005 में भारत की उनकी पहली यात्रा ने ब्राजील की आर्थिक सोच को पूरी तरह बदल दिया था। दोनों देशों के रिश्तों को बहुत खास बताते हुए कहा कि दोनों देशों का संबंध बराबरी और आपसी सम्मान पर आधारित है। भारत-ब्राजील इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह साझेदारी ऐसी है जिसमें किसी तरह का दबाव या तानाशाही रवैया नहीं होता, जैसा अक्सर अमीर देशों के साथ बातचीत में देखने को मिलता है।
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राष्ट्रपति लूला ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच कई समानताएं हैं, जैसे दोनों बड़े लोकतांत्रिक देश हैं, विकासशील अर्थव्यवस्थाएं हैं और वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के साथ बातचीत करते समय ब्राजील खुद को किसी उपनिवेशवादी ताकत के सामने नहीं पाता, बल्कि एक बराबरी के साथी के रूप में बातचीत करता है।
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अपनी 2005 की भारत यात्रा को किया याद
राष्ट्रपति लूला ने कहा कि जब वे 2005 में भारत आए थे, तब उन्होंने पहली बार महसूस किया कि किसी देश के लिए विदेशी मुद्रा भंडार कितना जरूरी होता है। उस समय भारत के पास करीब 100 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार था। इसे देखकर वे ब्राजील लौटे और तय किया कि उनके देश को भी मजबूत रिजर्व बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि बाद में ब्राजील ने यह लक्ष्य हासिल किया और उसका विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर लगभग 360 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे ब्राजील की स्थिति आईएमएफ के कर्जदार देश से बदलकर कर्ज देने वाले देशों में हो गई, जो उस समय दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक था।
 

सांस्कृतिक रिश्तों का भी राष्ट्रपति ने किया जिक्र
राष्ट्रपति लूला ने सांस्कृतिक रिश्तों का जिक्र करते हुए एक दिलचस्प बात भी बताई। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल ब्राजील गए थे, तब उनकी पसंद का गाना ढूंढकर खास तौर पर गवाया गया था। इसी तरह इस बार भारत में उन्हें भी ब्राजील के मशहूर गीत सुनाकर सरप्राइज दिया गया, जिससे वे काफी भावुक हो गए। 
 

लूला ने कहा कि उनकी सरकार तीसरे कार्यकाल में ब्राजील की अंतरराष्ट्रीय छवि और ताकत को फिर से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि सिर्फ तीन साल में ब्राजील ने अपने सामान के लिए 520 नए विदेशी बाजार खोल लिए हैं, जो बड़ी उपलब्धि है।
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18 फरवरी से भारत के दौरे पर हैं राष्ट्रपति लूला
ब्राजील के राष्ट्रपति 18 फरवरी को भारत पहुंचे थे और 19-20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भी शामिल हुए। यह राष्ट्रपति के रूप में उनकी भारत की पांचवीं यात्रा है, जो प्रधानमंत्री मोदी की जुलाई 2025 में ब्राजील यात्रा के करीब सात महीने बाद हो रही है।

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