बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क सुजमैन ने कहा है कि ग्लोबल साउथ के मौजूदा चुनौतियों पर प्रकाश डालने में भारत एक विशिष्ट रूप से विश्वसनीय आवाज है। उन्होंने कहा, भारत की जी-20 की अध्यक्षता विकासशील देशों में स्वास्थ्य और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।
सुजमैन ने यह भी कहा कि जब पश्चिमी शक्तियां यूक्रेन में युद्ध जैसे भू-राजनीतिक संघर्षों में व्यस्त हैं, भारत सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) व पृथवी पर अरबों लोगों की विकास से जुड़ी जरूरतों पर वैश्विक ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
सुजमैन ने एक साक्षात्कार में कहा, 'भू-राजनीतिक संघर्ष में शामिल हर एक देश सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए नागरिकों और दुनिया के प्रति प्रतिबद्ध हैं, पर वे स्वास्थ्य और विकास पर ध्यान केंद्रित करेंगे और किसी को पीछे नहीं छोड़ेंगे। वर्तमान में ऐसी स्थिति नहीं है। मुझे लगता है कि भारत एक विशिष्ट विश्वसनीय आवाज है। सुजमैन ने कहा कि भारत ग्लोबल साउथ या विकासशील देशों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उजागर कर रहा है।
इस सप्ताह भारत की यात्रा पर आए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सीईओ ने कहा कि विभिन्न वैश्विक संघर्षों और टकरावों पर चर्चा को दुनिया भर में वंचित लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों से नहीं भटकना चाहिए।