अब वह दिन दूर नहीं जब देशवासियों खासकर किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। अब तक ब्रिटिश सरकार के समय के तरीके अपनाकर मौसम के बारे में जानकारी इकट्ठा करने वाला देश का मौसम विभाग समय के साथ बदलाव करते हुए अपने आप को हाईटेक बनाने जा रहा है।
सरकार इसके लिए 60 मिलियन डॉलर खर्च करके एक सुपर कंप्यूटर खरीदने जा रही है। यह कंप्यूटर यूएस मॉडल पर बना है और थ्री डाइमेंशनल तकनीक से भारत में मौसम वैज्ञानिकों तक मौसम की सटीक जानकारी मुहैया कराएगा।
जानकारों के अनुसार मौसम की बेहतर जानकारी से भारत में खेती बाड़ी से होने वाली उपज में करीब 15 फीसद तक इजाफा हो जाएगा। यही नहीं इससे किसान ये भी जान सकेंगे की किस समय धान बोया जाए या फर्टीलाइजर खेतों में छिड़की जाए ताकि बेहतर पैदावार हो सके। ये दुनिया में चावल,चीनी,गेहूं और कॉटन के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक के लिए पैदावार बढ़ाने में सहायक सिद्द होगा।
मौसम वैज्ञानिक एम राजीवन का कहना है कि अगर सबकुछ सही रहा तो 2017 में मौसम विभाग पुराने तकनीक को छोड़, नई तकनीक से मौसम की भविष्यवाणी करने लगेगा। हालांकि राजीवन ने सुपर कंप्यूटर मुहैया कराने वाली कंपनी के बारे में बताने से तो मना कर दिया पर कहा जो आईबीएम ने पहले दिया था उससे ये 10 गुना तेज काम करेगा।
गौरतलब है कि मौसम विभाग मौसम की जानकारी संयुक्त रूप से पांच रिजन्स के लिए जारी करता है न की राज्यों के लिए। इस वजह से खेती से जुड़े देशभर के किसानों के लिए ये नाकाफी साबित होती है। अब इस तकनीक से किसानों को भरोसा है कि बेहतर जानकारी मिल सकेगी और उन्हें खेती करने में मदद मिलेगी।