भारतीय नागरिकों ने साल 2022 में पेटेंट के लिए 31.6 फीसदी अधिक आवेदन किए हैं। विश्व बौद्धिक संपदा संकेतक रिपोर्ट 2023 ने यह खुलासा किया है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेटेंट आवेदनों में वृद्धि को देश के युवाओं में इनोवेशन के लिए बढ़ते उत्साह का संकेत बताया है। उन्होंने इसे आने वाले समय के लिए बेहद सकारात्मक संदेश भी बताया।
महिलाएं अब भी पीछे
पेटेंट आवेदकों की सूची में चीन से 47.9 फीसदी महिलाएं हैं तो तुर्किये व फ्रांस से 34 फीसदी के करीब। वहीं, भारत से यह संख्या केवल 23 फीसदी रही।
भारत में किसी आवेदन पर पेटेंट कार्यालय की ओर से पहली बार कार्यवाही शुरू करने से अंतिम निर्णय लेने तक में औसतन 51 महीने लग रहे हैं। यह समय सबसे ज्यादा 56 महीने ले रहे मेक्सिको के बाद दूसरा सर्वाधिक है। हमारे मुकाबले चीन में महज 16.5 महीने और अमेरिका में 23.1 महीने में यह काम हो रहा है। यह दर्शाता है कि भारत को प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।